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विनोद कांडपाल/देहरादून: कहते हैं त्योहारों की असली मिठास अपनों के साथ और अच्छे स्वाद में छिपी होती है, खासकर दीपावली का त्योहार नजदीक हो और मिठाइयों की बात न हो, ऐसा कैसे हो सकता है. लेकिन आज के दौर में जब बाजार में मिलने वाली मिठाइयों की शुद्धता को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं, ऐसे में हल्द्वानी की एक बेटी अपने हुनर और मेहनत से लोगों को शुद्ध और पारंपरिक स्वाद का विकल्प दे रही हैं. हम बात कर रहे हैं हल्द्वानी की निर्मला जोशी की, जो अपने हाथों से शुद्ध घी, ड्राई फ्रूट, गोंद, खजूर और गुड़ से तैयार कर रही हैं खास होममेड मिठाइयां. इन मिठाइयों में है पारंपरिक स्वाद, पौष्टिक सामग्री और घर जैसा अपनापन..... मिठाइयों को नाम दिया गया है " गुडांस" यानी गुड़ का अंश......
निर्मला जोशी अपने हाथों से शुद्ध देशी घी, ड्राई फ्रूट्स, गोंद, खजूर और गुड़ से खास तरह की होममेड मिठाइयां तैयार कर रही हैं. इन मिठाइयों को उन्होंने नाम दिया है "गुडांस", जिसका अर्थ है 'गुड़ का अंश'. बाजार में मिलने वाली सामान्य मिठाइयों से अलग, इन मिठाइयों में न केवल पारंपरिक स्वाद और घर जैसा अपनापन है, बल्कि यह सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद हैं.
दीपावली के खास मौके पर लोग अपनों को ऐसा तोहफा देना चाहते हैं जिसका स्वाद और गुणवत्ता लंबे समय तक याद रहे. निर्मला जोशी की इन शुद्ध होममेड मिठाइयों की रेंज बाजार में ₹1500 प्रति किलो से लेकर ₹4000 प्रति किलो की कीमत तक उपलब्ध है. अपनी अनूठी पहल से निर्मला न केवल 'वोकल फॉर लोकल' (Vocal for Local) के विजन को साकार कर रही हैं, बल्कि महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं.
निर्मला जोशी ने बताया कि फिलहाल चार तरीके की मिठाईयां हैं. इन मिठाईयों में किसी भी तरह का कैमिकल यूज नहीं किया गया है. शुगर पेशंट भी इस आराम से खा सकता है. बच्चा,बूढ़ा सब इसे खा सकते हैं. हेल्थ के लिहाज से काफी अच्छा है.डिब्बे पर लोगो है वो उत्तराखंड को रिप्रेजेंट करता है. पूरी थीम उत्तराखंड की है.
इस दिवाली अगर आप भी अपने परिवार को मिलावट से बचाकर कुछ खास और पारंपरिक खिलाना चाहते हैं, तो 'गुडांस' की यह मिठाइयां एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही हैं.