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करन खुराना/हरिद्वार: हरिद्वार से कानपुर तक जाने वाली अपर गंगा नहर को वार्षिक मेंटेनेंस के लिए बंद कर दिया गया है. करीब 20 दिनों तक चलने वाले इस शटडाउन के दौरान नहर की गाद की सफाई, सिल्ट हटाने और क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत का काम किया जाएगा. इस बार की बंदी को आगामी कुंभ मेले की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, हर की पौड़ी पर गंगनहर का जलस्तर कम होने से स्थानीय श्रद्धालुओं और आचमन-स्नान के लिए आने वाले लोगों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन कुंभ से पहले यह व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

कुंभ से पहले क्यों जरूरी है मेंटेनेंस?
यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, गंगनहर में सालभर पानी चलता रहता है, जिससे नियमित जांच संभव नहीं हो पाती. बंदी के दौरान नहर को पूरी तरह खाली करके उसकी मजबूती परखी जाती है. इस बार हरिद्वार में प्रस्तावित नए घाटों के निर्माण और पुराने घाटों की मरम्मत के काम को भी इसी बंदी के दौरान तेज किया जाएगा. हालांकि कुंभ से जुड़ी सभी परियोजनाएं अलग-अलग विभागों के तहत चल रही हैं.

पश्चिमी यूपी और दिल्ली-NCR में पड़ेगा असर
अपर गंगा नहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर और दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में पेयजल और सिंचाई का मुख्य स्रोत है. नहर बंद होने से इन इलाकों में पानी की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. जल निगम ने लोगों से पानी का संयम से इस्तेमाल करने की अपील की है.

हरिद्वार में कुंभ को लेकर स्वच्छता अभियान शुरू
कुंभ की तैयारियों के बीच हरिद्वार प्रशासन ने 7 नवंबर तक विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया है. CDO डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने हरकी पौड़ी से अभियान का शुभारंभ किया. इसमें गंगा सभा, नगर निगम और कई स्वयंसेवी संस्थाएं जुटी हैं. घाटों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर रोजाना सफाई की जा रही है. पहले ही दिन अभियान में करीब 2 क्विंटल कचरा निकाला गया. इस अभियान में श्रीगंगा सभा, नगर निगम और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों ने हिस्सा लिया. अभियान के तहत गंगा घाटों, सार्वजनिक स्थलों और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई की गई.

दीपावली पर फिर खुलेगी नहर
सिंचाई विभाग के मुताबिक सभी काम समय पर पूरे कर लिए गए तो दीपावली की रात गंगनहर में फिर से पानी छोड़ा जाएगा, ताकि त्योहार पर किसी तरह की किल्लत न हो.