App

आसमान से बरसी मौत: अमेरिका का भीषण हमला: मिसाइलों से दहला ईरान का केशम द्वीप; मिडटर्म इलेक्शन के बीच टूटा सीजफायर

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचा तो मिडिल ईस्ट के आसमानों से मिसाइलों से बारूद की बारिश नजर आई. ट्रंप के आदेश पर हुए हमलों के कई मायने निकाले जा रहे हैं. कूटनीतिक बातचीत के बावजूद क्षेत्र में एक बार फिर मिडिल ईस्ट जंग का अखाड़ा बन गया है.

आसमान से बरसी मौत: अमेरिका का भीषण हमला: मिसाइलों से दहला ईरान का केशम द्वीप; मिडटर्म इलेक्शन के बीच टूटा सीजफायर
Image Credit: (AI)

मिडिल ईस्ट एक बार फिर से जंग की आग से धधक उठा है. खाड़ी देशों से आ रहे ताजा अपडेट के मुताबिक अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर प्रचंड वेग से हमला बोला है. अमेरिकी फौजों ने ईरान के लिए आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण केशम द्वीप पर मिसाइलें बरसाई हैं. सरकारी समाचार एजेंसी IRNA की रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के केशम द्वीप पर लगातार 5 धमाके सुने गए. धमाकों की तीव्रता को देखते हुए ऐसा लगता है कि इनका बहुत बुरा असर द्वीप पर पड़ा होगा. हालांकि अभी नुकसान का आंकड़ा किसी भी सोर्स से जारी नहीं हुआ है.

अमेरिकी एयर फोर्स ने स्टेल्थ जेट से बनाया निशाना

IRNA ने सोमवार को बताया कि ये धमाके बहुत कम अंतराल पर एक के बाद एक हुए. कुछ स्थानीय निवासियों ने द्वीप के ऊपर दो फाइटर जेट उड़ते हुए देखे जाने की बात कही है. हालांकि ईरान के स्थानीय और प्रांतीय अधिकारियों ने इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका ईरान पर गुप्त रूप से छोटे स्तर के हमले कर रहा था. लेकिन इस बार अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर बड़ा हमला किया है.

इसी तरह 'वाल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप द्वारा युद्ध के जोखिम को कम करके बताने के बीच, अमेरिकी फौज ने ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया है. सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, कुछ घंटे पहले केशम द्वीप पर हमला किया. बीते कुछ हफ्तों में वाशिंगटन द्वारा तेहरान के खिलाफ किए गए सीमित हमलों की श्रृंखला में ये सबसे जोरदार हमला साबित हुआ.

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राजनयिक समझौते की संभावना जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान पर एक लचर डील करने का दबाव बनाने के लिए ऐसे हमले कर रहे हैं.

टाइमिंग पर सवाल

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप ने मंगलवार के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के साथ फिर से युद्ध छिड़ने की संभावना को कम करके आंका था. ट्रंप लगातार कह रहे थे कि ईरान जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है. ट्रंप के 'डिप्टी' जेडी वेंस ने भी सोमवार को डील होने की उम्मीद जताई थी. लेकिन सोमवार को हुए हमलों ने एक बार फिर शांति वार्ता के प्रयासों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है. इन ताजा हमलों से जुलाई से चला आ रहा कथित सीजफायर टूट गया है. बीते सवा महीने से यह अटकलें लगाई जा रही थीं, कि ट्रंप मिडटर्म इलेक्शन तक चुप बैठेंगे, उसके बाद ही कोई फैसला लेंगे. लेकिन चुनावों के बीच ऐसा हमला करके ट्रंप ने ईरान पॉलिसी और व्हाइट हाउस की रणनीति दोनों पर खुद ही सवालिया निशान लगा दिया है.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Shwetank Ratnamber

Shwetank Ratnamber

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
Read More