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राजस्थान में उपभोक्ता मामलों के विभाग के विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ की विशेष जांच में यह खुलासा हुआ है. विभाग ने जोधपुर और उदयपुर में घटतौली के मामले में कुल 320 पैकेट जब्त किए हैं. इनमें ड्राई फ्रूट्स के 150 और सरसों के तेल के 170 पैकेट शामिल हैं. वहीं जोधपुर, उदयपुर, अजमेर और बीकानेर में विभिन्न प्रतिष्ठानों और खाद्य निर्माण इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने कुल 2.90 लाख रुपए का जुर्माना लगाने की जानकारी दी है.
150 किलो के नाम पर सिर्फ 113.35 किलो ड्राई फ्रूट्स, 36.64 किलो की घटतौली
जोधपुर की कृषि उपज मंडी स्थित न्यूट्रिसेफ कंपनी में निरीक्षण के दौरान ई-कॉमर्स के माध्यम से बेचे जा रहे मिश्रित ड्राई फ्रूट्स के पैकेटों की जांच की गई. इन पैकेटों पर शुद्ध मात्रा एक किलोग्राम और कीमत 999 रुपए अंकित थी. लेकिन जांच में प्रति पैकेट औसतन 755.7 ग्राम सामग्री मिली.

विभाग ने कुल 150 पैकेटों की जांच की. इनकी घोषित मात्रा 150 किलोग्राम थी, जबकि जांच में मिले औसत वजन के आधार पर वास्तविक मात्रा महज 113.355 किलोग्राम निकली. इस तरह कुल 36.645 किलोग्राम ड्राई फ्रूट्स कम पाए गए. इन पैकेटों का कुल घोषित खुदरा मूल्य 1 लाख 49 हजार 850 रुपए था. कीमत के अनुपात में कम मिली सामग्री का मूल्य करीब 36 हजार 608 रुपए बैठता है. विभाग ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सभी 150 पैकेट जब्त कर 65 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. इसके अलावा जोधपुर के 15AD बेकरी रेस्टोरेंट में वजन मापने के उपकरण का सत्यापन नहीं मिलने पर 16,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया.
सरसों के तेल में भी घटतौली, 170 पैकेट जब्त
उदयपुर के रीको औद्योगिक क्षेत्र फतेहनगर स्थित मंगल इंडस्ट्रीज में सरसों के तेल के पैकेटों की जांच की गई. पैकेट पर 500 मिलीलीटर मात्रा अंकित थी, लेकिन जांच में करीब 12 मिलीलीटर तेल कम मिला. यानी घोषित मात्रा से लगभग 2.4 फीसदी कम तेल पाया गया. विभाग ने फर्म के 170 पैकेट जब्त कर 65 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. इसके अलावा अग्रवाल ऑयल प्रोडक्ट्स पर अनियमितता मिलने पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया. हालांकि स्टार फ्रूट प्रोडक्ट्स और कल्याण ड्राई फ्रूट्स की जांच में कोई अनियमितता नहीं मिली.
अजमेर में छह इकाइयों पर कार्रवाई, बीकानेर में मिठाई प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में
विशेष अभियान के तहत अजमेर के पुष्कर और नसीराबाद में छह खाद्य निर्माण इकाइयों की जांच की गई. यहां माप-तौल और अन्य नियमों के उल्लंघन पर कुल 70 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया. बीकानेर में दो औद्योगिक इकाइयों में माप-तौल उपकरणों के सत्यापन और पैकर्स पंजीयन से जुड़ी अनियमितताएं मिलीं। इन पर 45 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया. इसके अलावा दो मिठाई प्रतिष्ठानों में माप-तौल संबंधी गड़बड़ी मिलने पर 8 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया.

जयपुर समेत पांच शहरों में विशेष टीमें, ऑनलाइन कारोबार पर भी नजर
उपभोक्ता मामलों के मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर प्रदेश में घटतौली के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है. विधिक मापविज्ञान नियंत्रक पूनम प्रसाद सागर ने जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित किए हैं. ये टीमें बाजारों, खाद्य निर्माण इकाइयों और ऑनलाइन माध्यम से बेची जाने वाली पैक्ड वस्तुओं की जांच कर रही हैं। विभाग का फोकस पैकेट पर घोषित शुद्ध मात्रा और वास्तविक सामग्री के बीच अंतर पकड़ने के साथ माप-तौल उपकरणों के सत्यापन और पैकर्स पंजीयन की जांच पर भी है. उपभोक्ता मामलों के मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि निर्धारित कीमत पर पूरी मात्रा में सामान उपलब्ध कराना प्रत्येक निर्माता, पैकर और विक्रेता की जिम्मेदारी है. उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
पैकेट पर लिखी मात्रा से कम मिले सामान तो 14435 पर करें शिकायत
विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि ऑनलाइन या बाजार से पैक्ड सामान खरीदते समय पैकेट पर अंकित शुद्ध मात्रा, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) और अन्य जरूरी जानकारियां अवश्य जांचें. घोषित मात्रा से कम सामग्री मिलने या माप-तौल में गड़बड़ी की शिकायत राजस्थान उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 14435 पर दर्ज कराई जा सकती है.