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फरीदाबाद में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. शहर की जहरीली होती हवा अब लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है. प्रदूषण के चलते बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों में कंपनियों से निकलता काला धुआं आसमान में साफ तौर पर देखा जा सकता है. आरोप हैं कि कई औद्योगिक इकाइयां प्रदूषण कंट्रोल से जुड़े नियमों का पालन नहीं कर रही हैं, जिसका खामियाजा शहर के लाखों लोगों को भुगतना पड़ रहा है.
फरीदाबाद में हर साल सर्दियों की शुरुआत होते ही प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है. कंपनियों से निकलने वाला काला धुआं और शहर में बढ़ता प्रदूषण लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है. खासकर सांस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए जहरीली हवा चिंता का विषय बनी हुई है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों के अधिकारी प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. अगर समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं. अब बड़ा सवाल ये है कि आखिर प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों पर कार्रवाई कब होगी? प्रदूषण नियंत्रण विभाग और प्रशासन की ओर से हवा को साफ रखने के लिए क्या ठोस इंतजाम किए जाएंगे? हर साल बिगड़ती हवा के बीच इस बार भी फरीदाबाद के लोगों को जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा या संबंधित विभाग कोई ठोस कदम उठाएंगे?
वहां के लोगों का कहना है कि प्रदूषण की समस्या अब केवल सर्दियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि हर साल इस मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फैक्ट्रियों की नियमित जांच की जाए, प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर सख्ती बरती जाए और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
(फरीदाबाद से जय प्रकाश की रिपोर्ट)