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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रूस-यूक्रेन के जारी युद्ध के बीच एक अहम बयान दिया है. अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ किया कि यूक्रेन को नाटो में शामिल करने का फिलहाल कोई विचार नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की पहली प्राथमिकता युद्ध को रोकना है. अमेरिका किसी भी सैन्य गठबंधन पर विचार करने से पहले शांति पर जोर देने के लिए प्रतिबद्ध है.
दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो की ओर से यह बात आइसलैंड की राजधानी रेक्जाविक में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही गई. रुबियो के साथ आइसलैंड की विदेश मंत्री थोरगेर्दुर कैटरीन भी मौजूद थीं. इसी पीसी के दौरान रुबियो से पत्रकारों ने नाटो के विस्तार और युद्ध पर अमेरिकी रणनीति से जुड़े सवाल किए थे.
जैसे ही पत्रकारों ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से यूक्रेन के नाटो में शामिल करने के प्लान पर सवाल किया, तो रुबियो ने कहा कि नाटो में किसी भी सदस्य को शामिल करने के लिए कई ढांचागत प्रक्रियाएं और बाधाएं होती हैं. नाटो में किसी देश को शामिल करने के लिए सभी देश की सहमति आवश्यक होती है. यही कारण है कि फिलहाल यूक्रेन का नाटो में शामिल होना संभव नहीं है.
मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य इस सैन्य संघर्ष को रोकना है. अमेरिका का उद्देश्य है कि सबसे पहले युद्ध के कारण हो रहे भारी जान-माल के नुकसान को रोका जाए. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल की स्थिति को देखकर यह नहीं लग रहा है कि ये जंग जल्द समाप्त होने वाली है. रुबियो अपनी यात्रा को पूरा करने के बाद ग्रीस और पुर्तगाल भी जाएंगे.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युद्ध के मामले पर कूटनीतिक बातचीत के संकेत दिए. रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान जेलेंस्की की ओर से बताया गया कि अमेरिका ने एक त्रिपक्षीय बैठक का प्रस्ताव रखा है. माना जा रहा है कि यह बैठक अक्टूबर के अंत तक तकनीकी स्तर पर हो सकती है. इस बैठक में अमेरिका, यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं.
हाल में ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी युद्ध को समाप्त करने की वकालत की थी. फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि पुतिन और जेलेंस्की आपस में समझौता कर लें. ट्रंप ने इस युद्ध में मौत के आंकड़ों पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले महीने 25,000 और उससे पहले 32,000 लोग मारे गए. ट्रंप ने इन मौतों को दुखद करार दिया था.
रूस के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि ब्लैक सी तट के पास 23 भारतीय नागरिकों वाले टैंकर पर हमला हुआ; कोई हताहत नहीं हुआ. बताया गया कि लाइबेरिया के झंडे तले चल रहे और तेल ले जा रहे इस जहाज पर बिना चालक दल वाली नावों से हमला किया गया. 23 लोगों के क्रू (सभी भारतीय नागरिक) को बचा लिया गया है; शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कोई हताहत नहीं हुआ है. (इनपुट- आईएएनएस)