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Russia-Ukraine War: क्या यूक्रेन और रूस के बीच पिछले चार साल से अधिक समय से जारी जंग समाप्त होने जा रही है? यह सवाल इसलिए चर्चा में है, क्योंकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अमेरिका और यूक्रेन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता करने को तैयार हो गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने हाल में ही मॉस्को की यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से करीब 3 घंटे की चर्चा की.
क्रेमलिन की ओर से इस वर्ता की पुष्टि करते हुए कहा गया कि रूस ने त्रिपक्षीय शांति वार्ता के लिए सहमति जता दी है और इसका आयोजन नवंबर के शुरुआत में हो सकता है. रूस और यूक्रेन के बीच करीब साढ़े चार साल से भीषण संघर्ष जारी है, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों की जान गई है और दोनों देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है.
पुतिन के विदेशी मामलों के सलाहकार यूरी उशकोव ने कहा कि राष्ट्रपति विटकॉफ के साथ बैठक के बाद यूक्रेन युद्ध पर बातचीत की मेज पर आने पर सहमति जता दी है. माना जा रहा है कि 10 नवंबर के बाद कीव और अमेरिका के साथ फिर से वह बातचीत शुरू करेंगे.
उधर, यूरी उशाकोव ने पत्रकारों को यह भी बताया कि बैठक कई दिन पहले ही तय कर ली गई थी. यूरी उशाकोव की ओर से आगे कहा गया कि अमेरिकी वार्ताकार जेरेड कुशनर बीमारी के कारण विटकोफ के साथ सेंट पीटर्सबर्ग नहीं जा सके, इसलिए वे वीडियो लिंक के जरिए बैठक में शामिल हुए।
आपको यह भी जानना चाहिए कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी दूत विटकॉफ के बीच यह नौवीं बैठक रही. उशाकोव की ओर से जोर देकर कहा गया कि यह बैठक विस्तृत और स्पष्ट थी, जो लगभग तीन घंटे तक चली.
हालांकि, इस दौरान रूस का मानना है कि यूक्रेन जंग समाप्त करने के लिए पेश किए गए नए शांति प्रस्तावों में कई ठोस और नई बात नहीं है, फिर भी अमेरिका और यूक्रेन के साथ मॉस्को त्रिपक्षीय वार्ता में शामिल होगा. माना जा रहा है कि ये वार्ता 10 नवंबर के बाद कभी भी हो सकती है. इसके लिए कोई तिथि या जगह अभी निर्धारित नहीं की गई है.
अमेरिका के विशेष दूत विटकॉफ ने मॉस्को की यात्रा से पहले नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी. इस दौरान विटकॉफ ने कई यूरोपीय नेताओं से भी मुलाकात की थी. ऐसे में इन बैठकों से संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय नेता अमेरिकी नेतृत्व वाले शांति प्रयासों को एक नई गति देने के लिए परेशान है. इधर, जानकार बता रहे हैं कि रूस और कीव के बीच शांति की शर्तों को लेकर अभी भी काफी मतभेद है.
माना जा रहा है कि दोनों देशों की सेनाएं युद्ध के मैदान में डटी हुई हैं और लगातार हमले जारी हैं. ऐसे में ओस्लो बैठक में शामिल रहे फिनलैंड एलेक्जेंडर स्टब ने मंगलवार देर रात कहा कि इस बैठक में वास्तविक प्रगति देखने को मिली.इसके अलावा एक साक्षात्कार के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने माना कि युद्ध को खत्म करने की दिशा में काम करना होगा.
गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और इसको समाप्त कराने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में कई कोशिशें भी हो चुकी हैं. ऐसे में अब प्रस्तावित त्रिपक्षीय वार्ता की संभावनाओं के बावजूद, क्षेत्रीय सुरक्षा, भविष्य की सीमाओं और युद्ध के बाद की व्यवस्था जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं. (इनपुट- आईएएनएस)