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West Asia War: पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच सोमवार ( 14 सितंबर 2026) की रात ईरान के साउथ कोस्ट के पास मछली पकड़ने वाली 2 फिशिंग बोट्स को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया. ईरान की न्यूज एजेंसी 'मेहर' के मुताबिक, इस हमले से कई मछुआरे लापता हो गए.
'मेहर' ने होर्मोजगन प्रांत के राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के डिप्टी गवर्नर अहमद नफीसी के हवाले से बताया कि यह हमला करगन के साउथ पोर्ट सिटी के तट के पास स्थित लराक आइलैंड के पास किया गया. नफीसी ने कहा कि मछुआरों को खोजने के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. घटना के बारे में अधिक जानकारी जांच के बाद दी जाएगी.
'मेहर' न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस हमले के पीछे अमेरिकी सेना का हाथ है. हमले के तुरंत बाद लापता हुए मछुआरों की खोज के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. इस हमले से ठीक एक दिन पहले 14 सितंबर 2026 को केशम आइलैंड के पास एक ईरानी कमर्शियल कार्गो शिप पर भी हमला हुआ था, जिसमें 1 व्यक्ति की मौत और 3-4 लोग घायल हुए थे. ईरान-अमेरिका के बीच समुद्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार पलटवार और हमलों का सिलसिला चल रहा है, जिसके चलते क्रूड ऑयल के इस रणनीतिक जलमार्ग में सुरक्षा संकट गहरा गया है.
इस हमले से पहले सोमवार ( 14 सितंबर 2026) को ही ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ऑस्ट्रिया के उस कदम की निंदा की, जिसके तहत ईरान के न्यूक्लियर चीफ को वीजा देने से मना दिया गया. उन्हें वियना में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) की कॉन्फ्रेंस में शामिल होने से रोक दिया गया था. तेहरान में एक वीकली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बघाई ने कहा कि इवेंट के होस्ट होने के तौर पर ऑस्ट्रियाई सरकार को अपनी जिम्मेदारियों के मुताबिक ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वीजा जारी करना चाहिए था.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'IRIB' के मुताबिक, ऑस्ट्रिया ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद एस्लामी को वीजा देने से इनकार कर दिया है. उन्हें वियना में IAEA जनरल कॉन्फ्रेंस के 70वें रेगुलर सेशन में भाषण देना था. ऑस्ट्रिया ने इसकी वजह अमेरिका और कुछ अन्य देशों की ओर से डाली गई बाधा को बताया. कुछ दिन पहले ही IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका की ओर से पेश किए गए एक प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस प्रस्ताव के पक्ष में 23 वोट पड़े, जबकि 3 विरोध में और 8 सदस्य वोटिंग से दूर रहे. प्रस्ताव में IAEA के डायरेक्टर जनरल से कहा गया है कि वे ईरान की ओर से परमाणु नियमों का पालन न करने के मामले की रिपोर्ट UN सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) और UN जनरल असेंबली (UNGA) को सौंपें.