मित्रों अमेरिका के इलडॉय में प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी एंड म्यूजियम में अब्राहम लिंकन के नाम से एक बेहद मशहूर कथन दर्ज है। मैं आज जो कुछ हूं या आगे जो कुछ बनने की उम्मीद रखता हूं उसका श्रेय अपनी मां को देता हूं। महाराष्ट्र की रहने वाली रमाबाई रणवीर की कहानी इस कथन को चरितार्थ करती है। लिंकन के शब्दों में मां के त्याग का जिक्र है और रमाबाई ने उसी त्याग को अपने नंगे पैरों से साकार कर दिया। रिमोट