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उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा पारिवारिक और सियासी भूचाल आया हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच का विवाद अब सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कानूनी और राजनीतिक गलियारों का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है. इस मामले की जांच के लिए एसएसपी देहरादून ने 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है.
अधिकारियों का कहना है कि महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर शारीरिक हमले, उत्पीड़न, जातिसूचक टिप्पणियां करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं. इन आरोपों की जांच के लिए 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है.
एसआईटी टीम में कौन-कौन?
एसआईटी में सीओ सहसपुर अनुज कुमार, शहर कोतवाल कैलाशचंद भट्ट, प्रभारी एसओजी संदीप कुमार, महिला सब इंस्पेक्टर विन्यता चौहान, सब इंस्पेक्टर कमलेश गौड़, सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार, हेड कांस्टेबल किरण कुमार , कांस्टेबल अजय, कांस्टेबल संजीत कुमार को शामिल किया गया है. यह टीम एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में जांच करेगी.
एसपी देहात जया बलूनी का कहना है कि मंत्री के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद हम जांच शुरू करेंगे और इसे जल्द से जल्द पूरा करेंगे.
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मंत्री के रोते हुए वीडियो ने मचाया था हड़कंप
मामले की शुरुआत तब हुई जब मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी. रेखा आर्य का आरोप है कि उनके पति ने उनसे पहली शादी की बात छिपाई और धोखे में रखकर विवाह किया. इतना ही नहीं, उन्होंने पति पर घरेलू हिंसा, अवैध संबंध, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे कई संगीन आरोप लगाए हैं.
गुरुवार शाम रेखा आर्या ने अपने पति के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर किया. मंत्री का वीडियो जैसे ही सामने आया, वैसे ही हड़कंप मच गया.
पति ने भी लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
दूसरी तरफ, पति गिरधारी लाल साहू ने भी वीडियो शेयर किया और इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी पत्नी और मंत्री रेखा आर्य पर ही आरोप जड़ दिए. उन्होंने रेखा आर्य पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उनका आरोप है कि मंत्री के पास 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है. इसके साथ ही वीडियो में साहू ने अपनी पत्नी से एफआईआर वापस लेने और अपना बयान बदलने को भी कहा. पति-पत्नी के इस आरोप-प्रत्यारोप ने एक बड़े प्रशासनिक-राजनीतिक स्कैंडल का रूप ले लिया है.
कांग्रेस ने मांगा आरोपों पर स्पष्टीकरण
इस बीच, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अगर आर्य उत्पीड़न का शिकार हुई हैं तो उत्तराखंड की बेटी के तौर पर हमारी सहानुभूति उनके साथ है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रेखा आर्य और मुख्यमंत्री को इन गंभीर आरोपों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए. गोदियाल ने आगे कहा कि चूंकि आर्य एक मंत्री हैं, इसलिए उन्हें बेबस महिला कहना राज्य का अपमान होगा.
बहरहाल, अब यह एसआईटी सभी आरोपों की जांच करने वाली है. देखना दिलचस्प होगा कि जांच की आंच किस दिशा में बढ़ती है और आने वाले दिनों में उत्तराखंड की इस हाई-प्रोफाइल जंग में क्या नया मोड़ आता है.