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देहरादून, सुरेंद्र डसीला: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति के बीच का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है. अब कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने मीडिया के सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ी है. इसके साथ ही उन्होंने अपने पति गिरधारी लाल साहू के सभी आरोपों का खंडन किया है. मंत्री रेखा आर्या ने हॉस्पिटल से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उन तमाम ऑडियो और वीडियो का जिक्र किया, जिन्होंने प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है.
कैबिनेट मंत्री ने खाई गोलू देवता की कसम
उन्होंने कहा कि जो वीडियो और ऑडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए हैं, वे इस पूरे घटनाक्रम की असलियत बयां करते हैं. यहां तक की मंत्री ने गोलू देवता की कसम खाकर कहा कि वह सच बोल रही हैं. मंत्री रेखा आर्य ने बताया कि जब मैंने गिरधारी लाल साहू का यह ऑडियो सुना तो मैं हैरान रह गई. इस ऑडियो को सुनने के बाद मुकदमा दर्ज न करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है. हालांकि, मैं अपने व्यक्तिगत जीवन को सोशल मीडिया से बहुत दूर रखती हूं.
रेखा आर्य ने बताया क्यों किया मुकदमा?
मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि वीडियो के जरिए मैंने यह कोशिश की है कि महिला आम हो या खास हो अगर उसके साथ कोई घरेलू हिंसा होती है तो उसको निर्णय लेना चाहिए. महिलाएं कई बार पारिवारिक परिस्थितियों के चलते सामाजिक प्रतिष्ठा के चलते अत्याचार को सहन करती रहती हैं. मैं यही दिखाना चाहती थी कि मेरे पास बहुत कुछ है. मैं तीन बार की विधायक हूं. दो बार की मंत्री हूं. इस वीडियो के जारी होने के बाद कई तरह के सवाल उठेंगे.
मुझे जाति सूचक शब्द भी कहे-रेखा आर्य
रेखा आर्य ने कहा कि अपने बच्चों की रक्षा के लिए उस ऑडियो को सुनने के बाद मैंने मुकदमा दर्ज कराया. मेरे मायके ने मुझे जो संस्कार दिए हैं, उसके मुताबिक मैंने अत्याचार न सहकर उसका विरोध करना स्वीकार किया. एफआईआर दर्ज हो गई है. मुझे भरोसा है उत्तराखंड पुलिस मुझे न्याय देगी. मंत्री ने यह भी कहा कि गिरधारी लाल साहू के अवैध संबंधों के चलते मेरे वैवाहिक जीवन में परिवर्तन हो रहा था. मुझे जाति सूचक शब्द भी कहे जाते थे.
रिश्ते को निभाने के लिए रही चुप-रेखा आर्य
उन्होंने आगे कहा कि मेरे सहयोगियों को गिरधारी लाल साहू द्वारा धमकाया जा रहा था. मैंने जब मामले का पता लगाना चाहा तो ऑडियो सामने आया. ऑडियो में जिस रिंकू का जिक्र है, वह गिरधारी लाल साहू की पहली पत्नी का बेटा है. रेखा आर्य ने कहा की शादी के बाद मुझे पता चल गया था कि गिरधारी लाल साहू की पहले से एक शादी है, लेकिन रिश्ते को निभाने की वजह से मैं चुप रही.
मुकदमा वापस लेने के लिए प्रेशर-कैबिनेट मंत्री
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 2003 में पहली बार में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य बनी थी. हर बार विधानसभा चुनाव के नामांकन में मैंने अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा दिया है. अगर मेरे पर भ्रष्टाचार के आरोप सही थे. गिरधारी लाल साहू के पास मेरे खिलाफ सबूत थे तो उन्हें मेरे मुकदमा दर्ज करने से पहले शिकायत कर देनी थी. अब मैं मुकदमा वापस ले लूं इसका प्रेशर बनाने के लिए यह झूठ कहा जा रहा है.