लखनऊ, विशाल रघुवंशी: पुलिस स्मृति दिवस पर लखनऊ पुलिस लाइन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसी दौरान मुख्यमंत्री प्रदेश के 6 वीर बलिदानी पुलिसकर्मियों के परिजनों को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित करने वाले हैं. प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़ी घोषणाएं भी कर सकते हैं.
अमर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि
इससे पहले सीएम योगी ने 'एक्स' पर पोस्ट कर सभी अमर शहीद पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, आज पुलिस स्मृति दिवस पर मैं उन सभी वीर पुलिस कार्मिकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करता हूं, जिन्होंने देश की सुरक्षा, समाज की शांति और नागरिकों के जीवन की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया.
'2017 से पूर्व प्रदेश में माफिया राज था'
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा, 'कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर पुलिस कार्मिकों का शौर्य, साहस और समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत है. वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में माफिया राज था. उस समय अराजक तत्वों के हौसले इतने बुलंद थे कि मथुरा के जवाहर बाग में कानून की रक्षा करते हुए हमारे वीर पुलिस अधिकारियों को अपने प्राणों का बलिदान देना पड़ा.'
'उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना'
सीएम ने प्रदेश में हुए बड़े पुलिस सुधारों का जिक्र करते हुए आगे लिखा, 'आज नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है. उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना है. पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की स्वतंत्रता मिली है. 2.26 लाख से अधिक पुलिस भर्तियों, प्रशिक्षण क्षमता में 10 गुना वृद्धि, 7 बड़े शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली, प्रत्येक जनपद में साइबर थाने तथा प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना से पुलिस व्यवस्था अधिक सक्षम, आधुनिक और जवाबदेह बनी है. गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई और ₹15 हजार करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति की जब्ती अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है.'
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री योगी ने आगे लिखा, 'आज इस अवसर पर हमारा संकल्प है कि वीर पुलिस कार्मिकों के बलिदान और उनके परिवारों के त्याग को सदैव स्मरण रखते हुए हम उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे. जय हिंद.'
शहीद जवानों के परिजनों का सम्मान
1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए 154 पुलिसकर्मी शहीद हुए, जिनमें यूपी के 6 जांबाज शामिल हैं. जो जांबाज शहीद हुए, उनमें कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के फायर सर्विस चालक स्वर्गीय तीर्थपाल सिंह व फायरमैन दिवंगत रोहित यादव, जालौन के उपनिरीक्षक स्व. मोहित कुमार यादव, उपनिरीक्षक स्व. सत्यभान सिंह, आरक्षी स्वर्गीय अशोक कुमार व आरक्षी स्व. प्रदीप कुमार शामिल हैं.
नोएडा अग्निकांड और जालौन हादसा
नोएडा के थाना ईकोटेक तृतीय क्षेत्र स्थित ईलजिन इलेक्ट्रानिक्स कंपनी में चार अगस्त 2026 की रात भीषण आग लगी थी. इस आग को बुझाने के दौरान दीवार गिरने से मलबे में दबकर फायर सर्विस चालक तीर्थपाल सिंह और फायरमैन रोहित यादव की जान चली गई थी, जबकि अन्य तीन कर्मी घायल हो गए थे. वहीं दूसरी ओर जालौन की कोतवाली उरई में दर्ज अपहरण के मुकदमे में युवक को बरामद करने निकली पुलिस टीम की स्कॉर्पियो हरियाणा के एक टोल प्लाजा के पास आगे जा रहे ट्रक से टकरा गई, जिससे उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, आरक्षी अशोक कुमार और आरक्षी प्रदीप कुमार की दर्दनाक मौत हो गई थी.
इन चारों पुलिसकर्मियों ने सरकारी कार्य के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया. इन्हीं शहीदों के परिजनों को सीएम बुधवार को सम्मानित करने वाले हैं.
क्या है पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास?
आपको बता दें, 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख की बर्फीली ऊंचाइयों में भारत की सीमा पर गश्त कर रहे सीआरपीएफ के 10 जवानों पर चीनी सैनिकों ने धोखे से हमला कर दिया था. सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे जांबाज जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए डटकर सामना किया और उन्होंने अपने प्राणों की आहुतियां दे दी थीं. उन्हीं वीरों की शहादत की याद में हर साल 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय 'पुलिस स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाता है.