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Kanshi Ram Punyatithi: लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर आज राजधानी लखनऊ में बसपा बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है. पार्टी नेतृत्व द्वारा जारी किए गए 'लखनऊ चलो' के आह्वान का व्यापक असर देखने को मिल रहा है और लखनऊ स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर तड़के से ही समर्थकों का हुजूम जुटना शुरू हो गया है. पार्टी प्रमुख मायावती भी कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की. बसपा प्रमुख मायावती ने कांशीराम की पुष्यतिथि पर उनके नमन किया. उनके साथ भतीजे आकाश आनंद भी मौजूद रहे.
देश में जाति के आधार पर सदियों से तोड़े व पछाड़े गये ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अन्य कमज़ोर तबक़ों आदि को उनके वोट की ताक़त के माध्यम से सत्ता की मास्टर चाबी देकर उन्हें शोषित से शासक वर्ग बनाने हेतु इनके मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के रुके एवं बिखरे हुये कारवाँ को आगे मंज़िल तक पहुँचाने के लिये बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर बी.एस.पी. परिवार की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित। मान्यवर श्री कांशीराम जी के मिशनरी संकल्प का ही यह सुखद परिणाम था कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल व महत्वपूर्ण राज्य में मेरे नेतृत्व में बी.एस.पी. की चार बार सरकार बनी और इसके माध्यम से ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ के ऐतिहासिक कार्य करके ’बहुजन समाज’ में समय-समय पर जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, श्री नारायणा गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर आदि के समता व समानता के हक़ के लिये उनके अतुलनीय संघर्ष व बहुमूल्य योगदान को ज़मीनी स्तर पर उतारकर संविधान के पवित्र मंशा की पूर्ति की गयी। यही नहीं बल्कि इन महापुरुषों की प्रेरणा से, यूपी में सर्वसमाज के हित में अपराध नियंत्रण व क़ानून व्यवस्था के मामलों में क़ानून द्वारा क़ानून का राज क़ायम करके तथा जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी, बेहतरीन सरकार देकर मान्यवर श्री कांशीराम जी को सच्ची श्रद्धांजलि व श्रद्धा-सुमन अर्पित किया गया।
— Mayawati (@Mayawati) October 9, 2026
1 लाख से ज्यादा लोगों के जुटने का अनुमान
बसपा की तैयारियों और कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस श्रद्धांजलि सभा और शक्ति प्रदर्शन में 1 लाख से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं. प्रदेशभर से पार्टी कैडर, मंडल स्तरीय पदाधिकारी और समर्थक बसों व निजी वाहनों से लखनऊ पहुंचे हैं. पार्टी की कोशिश बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जुटाकर अपना जनाधार दिखाने की है.
मायावती देंगी श्रद्धांजलि और संदेश
कार्यक्रम के दौरान बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती कांशीराम स्मारक स्थल पहुंचकर बहुजन नायक को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगी. इस दौरान मायावती पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चुनावी तैयारियों, सामाजिक समीकरणों और संगठन की मजबूती को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश भी दे सकती हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का यह शक्ति प्रदर्शन अपने पारंपरिक दलित वोट बैंक और कैडर को एकजुट रखने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कांशीराम ने बहुजन समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक भागीदारी को लेकर आंदोलन खड़ा किया था. उनकी पुण्यतिथि BSP के लिए हर साल राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण अवसर होती है. इस बार लखनऊ में जुटने वाली भीड़ और मायावती के संदेश से पार्टी की आगे की रणनीति के संकेत मिलने की उम्मीद है.
राजनीतिक मायने: 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बसपा का यह बड़ा जमावड़ा अपने पारंपरिक कैडर को एकजुट करने और संगठन की मजबूती दिखाने का रणनीतिक प्रयास है.