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विशाल सिंह/लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में वापस लेकर पुनः राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने के बाद मीडिया में चल रही खबरों पर कड़ा एतराज जताया है. मायावती ने सिलसिलेवार पोस्ट साझा कर मीडिया द्वारा 'चार बार निकाले जाने' के दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने वाला करार दिया और पूरे घटनाक्रम की असल वजह बताई है.
1. जैसाकि यह विदित है कि श्री आकाश आनन्द को कल बी.एस.पी. में वापिस लेकर व पार्टी का पुनः राष्ट्रीय संयोजक बनाकर इनको पार्टी के कार्यो में लगा दिया है। 2. लेकिन आज अधिकांशः मीडिया में इस बात को काफी बढ़ा-चढ़ाकर लिखा है कि श्री आकाश आनन्द को चार बार पार्टी से निकालकर अब पुनः पार्टी में वापिस ले लिया है और इनको फिर से पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बना दिया है। 3. जबकि इस सम्बन्ध में इनको मैं यह भी अवगत कराना चाहती हूँ कि श्री आकाश आनन्द की शादी होने से पहले ही वे पार्टी में काफी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे, जिसकी वजह से इनको पार्टी से कभी भी नहीं निकाला गया है। 4. लेकिन इनका रिश्ता श्री अशोक सिद्धार्थ के साथ होने के बाद से फिर इन्होंने अपने ख़ुद के स्वार्थ मे श्री आकाश आनन्द की इमेज को काफी कुछ ख़राब करने का प्रयास किया है। * जिसके कारण फिर श्री आकाश आनन्द में सुधार लाने के ख़ास उद्देश्य से इनको पार्टी से कई बार निकालना भी पड़ा है और ग़लती का एहसास होने के बाद फिर इनको वापिस भी लेना पड़ा है। 5. लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि श्री अशोक सिद्धार्थ के संन्यास लेने के बाद से अब ऐसी कोई भी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिये कि पार्टी को फिर से इनको अलग करना पडे़। 6. अर्थात् जिस प्रकार से इन्होंने शादी से पहले पार्टी को कभी भी कोई शिकायत का मौक़ा नहीं दिया है, जिसके कारण इनको कभी भी पार्टी से निकालना नहीं पड़ा है और अब श्री अशोक सिद्धार्थ के संन्यास लेने के बाद तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है कि इनको अब आगे कभी भी पार्टी से निकालने की ज़रूरत पडे़गी और अब वे राजनीति में आगे ही बढ़ेंगे, ऐसी सभी को पूरी-पूरी उम्मीद भी है। 7. इसलिए मीडिया को यह सब सच्चाई को उजागर करते हुये तब इनके बारे में पार्टी से कई बार निकालने का उल्लेख करना चाहिये तो यह बेहतर होगा।
— Mayawati (@Mayawati) October 6, 2026
'शादी से पहले कभी नहीं निकाला गया'
बसपा प्रमुख मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद अपनी शादी से पहले भी पार्टी में बेहद सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और उस दौरान उन्हें कभी भी पार्टी से बाहर नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि शादी से पहले आकाश ने पार्टी को शिकायत का कोई मौका नहीं दिया था.
अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव और सुधार का जिक्र
मायावती ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अशोक सिद्धार्थ से रिश्ता बनने के बाद, उन्होंने अपने व्यक्तिगत स्वार्थों में आकाश आनंद की छवि को काफी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.
मायावती के अनुसार, इसी वजह से आकाश आनंद के आचरण में सुधार लाने के खास उद्देश्य से ही पार्टी से अलग करने और गलती का अहसास होने के बाद वापस लेने जैसे कड़े कदम उठाने पड़े थे.
संन्यास के बाद अब आगे बढ़ने की उम्मीद
पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने का जिक्र करते हुए मायावती ने उम्मीद जताई कि अब पार्टी के सामने ऐसी कोई नौबत नहीं आएगी कि आकाश आनंद को दोबारा अलग करना पड़े.उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पूरी तरह अलग होने के बाद अब आकाश आनंद बिना किसी अड़चन के बसपा की राजनीति में आगे बढ़ेंगे. मायावती ने मीडिया से अपील की है कि वे इस सच्चाई और सही तथ्यों को उजागर करते हुए ही अपनी रिपोर्टिंग करें.
मायावती का यह बयान न केवल मीडिया की रिपोर्टिंग पर एक सीधा पलटवार है, बल्कि बीएसपी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और भविष्य के नेतृत्व की तस्वीर को भी पूरी तरह साफ करता है.अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद आकाश आनंद के रास्ते के सभी राजनीतिक रोड़े हटने की बात कहकर मायावती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बहुजन समाज पार्टी में भविष्य की कमान पूरी तरह से आकाश आनंद के हाथों में ही रहेगी. 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपने सबसे भरोसेमंद युवा चेहरे को संगठन की धुरी बनाना बसपा की कैडर आधारित रणनीति को फिर से धार देने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है.