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पिछले 24-48 घंटे में साइबर दुनिया में हड़कंप मच गया है. एक तरफ PHP में दो गंभीर सुरक्षा खामियां मिलीं, तो दूसरी तरफ भारतीय कंपनी eMudhra के डिजिटल सर्टिफिकेट में बहुत ही कमजोर सिक्योरिटी की इस्तेमाल करने का मामला सामने आया. इसके साथ ही AI टूल LiteLLM में सेंधमारी और क्लाउड प्लेटफॉर्म Railway के कस्टमर्स की जानकारी पर खतरे ने भी चिंता बढ़ा दी है. आइए जानते हैं कि इन मामलों में अब तक क्या सामने आया है.
PHP में मिली दो गंभीर खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स बिना लॉगिन किए प्रभावित सर्वर पर कब्जा कर सकते हैं. PHP Foundation ने इन खामियों को 10 में से 9.2 की गंभीरता रेटिंग दी है. W3Techs के अनुसार, दुनिया की लगभग 70 फीसदी वेबसाइटें PHP का इस्तेमाल करती हैं.
अमेरिका की FBI और NSA ने ग्रुप को जल्द से जल्द सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी है. एजेंसियों का कहना है कि अगर तुरंत अपडेट करना संभव नहीं है, तो खतरा दूर होने तक प्रभावित सिस्टम को ऑफलाइन रखना चाहिए. PHP Foundation ने 21 अक्टूबर को इसके लिए नया अपडेट जारी किया. सावधानी के रूप में फिनलैंड और नीदरलैंड में कुछ सरकारी वेबसाइटें भी ऑफलाइन की गईं.
भारतीय कंपनी eMudhra के आठ डिजिटल सर्टिफिकेट में कमजोर प्राइवेट की इस्तेमाल होने का मामला सामने आया है. ये की इतनी कमजोर थीं कि सुरक्षा रिसर्चर्स Wayne ने इन्हें एक सेकंड से भी कम समय में रिकवर कर लिया. प्राइवेट की का इस्तेमाल डिजिटल सर्टिफिकेट की सेफ्टी के लिए होता है. अगर ये गलत हाथों में चली जाएं, तो फेक सर्टिफिकेट बनाकर वेबसाइटों की पहचान की नकल की जा सकती है. मामला सामने आने के बाद Apple, Google और Mozilla ने प्रभावित सर्टिफिकेट ब्लॉक कर दिए. Cloudflare ने भी जरूरी बदलाव किए.
eMudhra के अनुसार, 8 प्रभावित सर्टिफिकेट में से सिर्फ एक का इस्तेमाल प्रोडक्शन सिस्टम में हुआ था. कंपनी ने कहा कि इनसे अलग-अलग वेबसाइटों के सर्टिफिकेट जारी नहीं किए गए. CERT-In ने भी इस मामले में एडवाइजरी जारी की है.
Node डॉट js ने चार गंभीर सुरक्षा खामियों को ठीक करने के लिए अपडेट जारी किया है. इनमें एक खामी के जरिए हैकर दूर बैठे किसी सिस्टम पर अपना कोड चला सकते थे. कंपनी ने यूजर्स को नया सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने की सलाह दी है. वहीं, AI टूल LiteLLM के कुछ वर्जन में खतरनाक कोड मिलने का मामला सामने आया है. सुरक्षा कंपनी Wiz के अनुसार, यह कोड सिस्टम की जानकारी, पासवर्ड से जुड़ी फाइलें और क्लाउड अकाउंट की जरूरी जानकारियां चुरा सकता था. LiteLLM ने प्रभावित वर्जन हटा दिए हैं और यूजर्स को सिस्टम की जांच करने को कहा है.
क्लाउड प्लेटफॉर्म Railway ने बताया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने कस्टमर्स के कुछ संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाई हो सकती है. कंपनी ने कस्टमर्स को API की और दूसरी जरूरी जानकारियां बदलने की सलाह दी है. इसी बीच Microsoft ने चीन से जुड़े हैकिंग ग्रुप Storm-0940 की गतिविधियों का खुलासा किया. कंपनी के अनुसार, इस ग्रुप ने AI आधारित टूल की मदद से कई संगठनों को निशाना बनाया. इससे पहले SBI ने भी लगभग 3,900 ग्राहकों के रिकॉर्ड उजागर होने की बात स्वीकार की थी.
लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बीच यूजर्स को अपने ब्राउजर और सॉफ्टवेयर अपडेट रखने चाहिए. इससे यूजर्स किसी बड़े खतरे से बच सकता है.