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Google Chrome यूजर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है. अगर आपके लैपटॉप या कंप्यूटर में Chrome ब्राउजर इंस्टॉल है, तो उसे तुरंत अपडेट कर लें. Google ने रातों-रात क्रोम का एक नया सिक्योरिटी अपडेट रोलआउट कर दिया है, जिसमें एक-दो नहीं बल्कि पूरे 353 सिक्योरिटी बग्स को सही किया गया है. गूगल के इस नए अपडेट में 6 ऐसी कमियां भी शामिल हैं जिन्हें सबसे खतरनाक यानी क्रिटिकल लिस्ट में रखा गया है. साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन कमियों का फायदा उठाकर हैकर्स आसानी से आपके सिस्टम को टारगेट कर सकते थे और आपका डेटा खतरे में पड़ सकता था.
Google ने 20 अक्टूबर 2026 को Windows, macOS और Linux यूजर्स के लिए Chrome 156 अपडेट जारी किया है. कंपनी के मुताबिक, यह अपडेट अगले कुछ दिनों या हफ्तों में सभी यूजर्स तक पहुंच जाएगा. लेकिन, अपडेट आने का इंतजार करने के बजाय आप खुद भी Chrome की सेटिंग में जाकर इसका लेटेस्ट वर्जन चेक कर सकते हैं.
इस अपडेट में ठीक की गई 353 खामियों में से 6 को क्रिटिकल कैटेगरी में रखा गया है. इनमें से 5 खामियां ब्राउजर के अलग अलग हिस्सों में मेमोरी से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण थीं. ये खामियां Skia ग्राफिक्स इंजन, CSS स्टाइलिंग, Paint कंपोनेंट, WebRTC और Accessibility फीचर से जुड़ी हैं.
इसके साथ ही Accessibility फीचर में एक यूज आफ्टर फ्री बग भी मिला था. इस तरह की खामियों में सॉफ्टवेयर उस मेमोरी का इस्तेमाल करने की कोशिश करता है जिसे पहले ही रिलीज किया जा चुका होता है. इसका फायदा उठाकर हमलावर ब्राउजर को क्रैश कर सकते हैं या कुछ परिस्थितियों में सिस्टम पर खतरनाक कोड चलाने का प्रयास भी कर सकते हैं.
लेकिन, Google की सिक्योरिटी एडवाइजरी में इन 6 गंभीर खामियों के एक्टिव साइबर हमलों में इस्तेमाल होने की पुष्टि नहीं की गई है. कंपनी ने बग से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी फिलहाल सीमित रखी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा यूजर्स अपडेट इंस्टॉल कर सकें.
इस बार Chrome अपडेट की एक खास बात यह भी है कि कुछ गंभीर खामियों को खोजने में AI टूल्स ने मदद की है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Anthropic के एक रिसर्चर ने Claude AI की मदद से Accessibility फीचर में मौजूद गंभीर यूज आफ्टर फ्री बग का पता लगाने में मदद की. वहीं, OpenAI के Codex Security टूल, जिसे kylebot के नाम से भी जाना जाता है, ने WebRTC से जुड़ी गंभीर खामी खोजी.
लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि इन खामियों को AI ने अपने दम पर खोज लिया. साइबर सिक्योरिटी रिसर्च में AI टूल्स इंसानी एक्सपर्ट्स की मदद कर रहे हैं, जिससे सॉफ्टवेयर में मौजूद कमजोरियों का पता लगाने और उन्हें ठीक करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है.
Google की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार Linux यूजर्स के लिए Chrome का सेफ वर्जन 156.0.8078.47 है. वहीं, Windows और Mac यूजर्स को 156.0.8078.47 या 156.0.8078.48 वर्जन चेक करना चाहिए. इस बात भी ध्यान रखें कि अपडेट डाउनलोड होने के बाद उसे पूरी तरह लागू करने के लिए ब्राउजर को रीस्टार्ट करना भी जरूरी है.
Chrome को अपडेट करने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है. नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें.
सबसे पहले अपने कंप्यूटर पर Google Chrome ओपन करें.
अब राइट साइट दिए गए तीन डॉट वाले मेन्यू पर क्लिक करें.
अब Help ऑप्शन पर जाएं और About Google Chrome पर क्लिक करें.
Chrome अपने आप अपडेट चेक करेगा और उपलब्ध होने पर उसे डाउनलोड करना शुरू कर देगा.
डाउनलोड पूरा होने के बाद Relaunch बटन पर क्लिक करें.
Relaunch पर क्लिक करने के बाद Chrome बंद होकर फिर से खुलेगा और अपडेट लागू हो जाएगा.