पाकिस्तान के सामने 'बाघ' बन जाते थे सहवाग, टेस्ट में दिया वनडे वाला मजा, मेंडिस की मिस्ट्री की निकाली हवा
वीरेंद्र सहवाग. वो पूर्व भारतीय बल्लेबाज, जिसका नाम सुनते ही आज भी पाकिस्तान के कई गेंदबाजों की हालत खराब हो जाती होगी. मुल्तान में 309 रनों की शानदार पारी खेलने वाले सहवाग ने ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों की भी जमकर धुनाई की. मेंडिस के तिलिस्म को भी खत्म किया.
Virender Sehwag Birthday: नजफगढ़ के नवाब से लेकर मुल्तान के सुल्तान बनने तक के सफर में वीरेंद्र सहवाग ने ना जाने कितने गेंदबाजों को बर्बाद कर दिया. आलम ये है कि जब भी सहवाग का नाम लिया जाता है, तो उनके आगे पूर्व भारतीय 'विस्फोटक' ओपनर जरूर जोड़ा जाता है. वही सहवाग, जो अभी भी पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक और श्रीलंका के मिस्ट्री स्पिनर अजंता मेंडिस के सपने में आते होंगे और ये भी तय है कि दोनों का दिल दहल जाता होगा.
भारत के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग आज यानी 20 अक्टूबर 2026 को अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं. जिस जमाने में टी20 क्रिकेट की एंट्री भी नहीं हुई थी, उस समय सहवाग गेंदबाजों को तहस-नहस करने में माहिर माने जाते थे. सहवाग की सोच ही बिल्कुल अलग थी. उनके हिसाब से ऑफ स्पिनर्स तो सिर्फ रन बनवाने के लिए गेंदबाजी करते थे.
पाकिस्तान को देख 'बाघ' बन जाते थे सहवाग
कहानी की शुरुआत में हमने इंजमाम उल हक का जिक्र किया था. उसके पीछे की वजह ये है कि पाकिस्तान को सामने देखते ही वीरेंद्र सहवाग और खतरनाक हो जाते थे. बाकी टीमों के मुकाबले, वीरू ने सबसे ज्यादा पिटाई पाकिस्तानी गेंदबाजों के खिलाफ की है. इस मुल्क के खिलाफ उन्होंने 9 टेस्ट की 14 पारियों में 91.14 की औसत और 80.20 के स्ट्राइक रेट से 1276 रन बनाए हैं.
ट्रिपल सेंचुरी जड़ बने 'मुल्तान के सुल्तान'
2004 में पाकिस्तान दौरे पर वीरेंद्र सहवाग ने पड़ोसी मुल्क को वो जख्म दिया, जिसके बारे में सोचकर अभी भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दर्द होता होगा. मुल्तान में रनों की बरसात करते हुए नजफगढ़ के नवाब ने 309 रन बना दिए. इस दौरान सहवाग ने शोएब अख्तर, मोहम्मद सामी और सकलैन मुश्ताक जैसे गेंदबाजों की जबरदस्त धुनाई करते हुए 39 चौके और 6 छक्के जड़े थे. इस शानदार पारी के बाद उन्हें 'मुल्तान का सुल्तान' कहे जाने लगा. सहवाग ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी ढेर सारे रन बनाए. कंगारुओं के खिलाफ उन्होंने 23 टेस्ट की 45 पारियों में 41.38 की औसत से 1821 रन बनाए.
टेस्ट में 82.21 का स्ट्राइक रेट
टी20 के जमाने में भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनका मौजूदा ODI स्ट्राइक रेट वीरेंद्र सहवाग के टेस्ट स्ट्राइक रेट से कम है. इन खिलाड़ियों में वेस्टइंडीज के शाई होप, न्यूजीलैंड के केन विलियमसन जैसे स्टार बल्लेबाजों का नाम शामिल है. सहवाग ने 2001 से 2013 के बीच 104 टेस्ट की 180 पारियों में 82.23 के स्ट्राइक रेट से 8586 रन बनाए, जिसमें 23 शतक और 32 अर्धशतक शामिल है. उनके नाम टेस्ट में दो तिहरा शतक जड़ने का अद्भुत रिकॉर्ड भी दर्ज है. पाकिस्तान के बाद उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2008 में चेन्नई में 319 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी.
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट (कम से कम 5000 रन)
82.23 - वीरेंद्र सहवाग
81.95 - एडम गिलक्रिस्ट
80.91 - कपिल देव
70.19 - विव रिचर्ड्स
70.19 - डेविड वॉर्नर
मेंडिस की मिस्ट्री की निकाली हवा
2008 के एशिया कप फाइनल में श्रीलंका के मिस्ट्री स्पिनर अजंता मेंडिस रातों रात स्टार बन गए थे. भारत के खिलाफ मैच में महज 13 रन देकर उन्होंने 6 बल्लेबाजों को आउट किया था. उस प्रदर्शन के बाद वो सातवें आसमान पर थे, लेकन सहवाग ने जल्द उन्हें जमीन पर ला दिया. मेंडिस की रहस्यमयी गेंदबाजी को पढ़ना दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए असंभव सा लग रहा था. लेकिन 2008 में हुए एक टेस्ट में सहवाग ने मेंडिस के इस 'तिलिस्म' को पूरी तरह तोड़ दिया. गॉल टेस्ट में सहवाग ने श्रीलंका की लंका लगाते हुए 201 रनों की तूफानी पारी खेली.
सहवाग ने टेस्ट में कुल मिलाकर अजंता मेंडिस की 130 गेंदों का सामना किया. 13 चौके और 5 छक्के की मदद से उन्होंने इस मिस्ट्री स्पिनर के खिलाफ 146 रन बनाए. सहवाग ने मेंडिस के तिलिस्म को खत्म किया, जिसके बाद दुनिया भर के बाकी बल्लेबाजों ने भी इस स्पिनर को खेलने का रास्ता निकाला और मेंडिस ज्यादा दिनों तक मिस्ट्री का जादू नहीं दिखा सके.
सहवाग का ODI और T20I करियर
वीरेंद्र सहवाग 2011 वर्ल्ड कप और 2007 टी20 विश्व कप विनिंग टीम का हिस्सा थे. उन्होंने भारत के लिए 251 ODI मैचों में 35.05 की औसत से 8273 रन बनाए, जिसमें 15 शतक और 38 अर्धशतक शामिल है. उन्होंने 19 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 145.38 के स्ट्राइक रेट से 394 रन बनाए.