भारतीय क्रिकेट टीम फिलहाल न्यूजीलैंड में है. दोनों देशों के बीच 22 अक्टूबर से 5 मैचों की T20I सीरीज का आगाज होने वाला है. पहला मुकाबला क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल मैदान पर खेला जाएगा. हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ हुए टी20 सीरीज में टीम मैनेजमेंट ने लगातार 5 मैचों में अनुभवी खिलाड़ी संजू सैमसन पर भरोसा जताया था. जिसके कारण 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठना पड़ा. वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में संजू ने पांच पारियों में 168 रन बनाए.
संजू सैमसन के बारे में हमेशा ये कहा जाता है कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में लगातार मौके नहीं मिले. हालांकि, हर सिक्के के दो पहलू होते हैं. उनकी सबसे बड़ी कमजोरी ये रही है कि उन्होंने कभी भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह स्थापित नहीं किया है. इसकी सबसे बड़ी वजह है अनिरंतरता.
इस आर्टिकल के जरिए हम संजू सैमसन के T20I करियर का पोस्टमार्टम करेंगे. दाएं हाथ के स्टाइलिश बल्लेबाज ने 2015 में भारत के लिए क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में डेब्यू किया था. जिम्बाब्वे के खिलाफ हुए उस मैच में संजू नंबर-7 पर खेले थे और 24 गेंदों में 19 रन बनाया था. उन्हें दूसरा T20I खेलने के लिए 5 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा.
2020 में श्रीलंका के खिलाफ संजू सैमसन को मौका मिला और अपने दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में उन्होंने नंबर-3 पर बल्लेबाजी की. उस मुकाबले में भी वो फ्लॉप हुए और 6 रन बनाकर आउट हो गए. उसके बाद वो अगले एक साल करीब 10 मैचों में फेल साबित हुए. 2022 में आयरलैंड के खिलाफ मैच में ओपनिंग करते हुए उन्होंने T20I में पहली बार 50 का आंकड़ा क्रॉस किया, उन्होंने 42 गेंदों पर 77 रनों की अच्छी पारी खेली.
संजू सैमसन के T20I करियर की यही कहानी रही है. एक-दो अच्छी पारियां और फिर पांच मैचों में फ्लॉप शो. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि 11 सालों के इस सफर में सिर्फ एक बार ऐसा हुआ है, जब संजू सैमसन ने लगातार तीन पारियों में 20 रनों का आंकड़ा क्रॉस किया है. वो भी इसी साल, जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उन्होंने लगातार तीन मैचों में 50 का आंकड़ा पार किया था और भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रन और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी 89 रनों की पारी खेली थी.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले संजू सैमसन का फॉर्म बेहद खराब था. हालांकि, इस टूर्नामेंट में लगातार तीन शानदार पारियां खेलकर उन्होंने प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह पक्की कर ली. टी20 विश्व कप के बाद से संजू T20I में 12 पारियां खेल चुके हैं और 4 बार पचास का आंकड़ा क्रॉस किया है, जबकि 7 बार वो दहाई का आंकड़ा भी नहीं पार सके हैं.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दमदार प्रदर्शन के दम पर संजू सैमसन ने अपनी जगह तो बचा ली, लेकिन उनकी अनिरंतरता अभी भी टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय है. उनकी वजह से प्लेइंग इलेवन में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जगह नहीं मिल रही है. बड़ा सवाल ये है कि टीम मैनेजमेंट कब तक संजू को मौका देते रहेंगे और वैभव को नजरअंदाज करेंगे? वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक भारत के लिए 8 T20I खेला है और 186.36 के स्ट्राइक रेट से 246 रन बनाए हैं.
भारतीय टीम 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी धरती पर 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी. देखना दिलचस्प होगा कि हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर अनुभवी संजू सैमसन पर ही भरोसा कायम रखते हैं या फिर युवा वैभव सूर्यवंशी के लिए दरवाजा खोलते हैं. संजू पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और अगर इस सीरीज में भी वो पुराना रवैया अपनाते हैं तो प्लेइंग इलेवन से उनकी छुट्टी हो सकती है. वैभव मौके के ताक में बैठे हैं और उनकी नजर बड़ा स्कोर बनाकर प्लेइंग इलेवन में अपनी सीट कन्फर्म करने की होगी.