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Abhishek Porel Century: बंगाल के 23 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज अभिषेक पोरेल ने रणजी ट्रॉफी में सोमवार (12 अक्टूबर) को शतक लगाया. सीजन के पहले मैच में शतक लगाने के बाद वह भावुक हो गए और मैदान पर ही बैठकर रोने लगे. कल्याणी में उन्होंने दिल्ली के खिलाफ मैच के दूसरे दिन सैकड़ा लगाया. यह शतक उनके लिए खास है. बलात्कार, यौन शोषन और आपराधिक धमकी के मामले में बेल मिलने के कुछ हफ्तों के बाद वह मैदान पर उतरे थे. उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर का दूसरा शतक लगाया.
अभिषेक के प्रथम श्रेणी करियर का यह 33वां मैच है. मैच के दूसरे दिन अंतिम सेशन में उन्होंने शतक लगाया और घुटनों के बल बैठकर रोने लगे. उनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे. यह पल आईपीएल 2026 के बाद उनके करियर में आया है. उन्होंने लंबे समय बाद मैदान पर वापसी की और टीम के लिए अहम पारी खेली.
Sudip Kumar Gharami and Abishek Porel shine with centuries against Delhi in the Ranji Trophy Elite 2026-27! 🏏 #CAB https://t.co/rukjM6IfA3
— CABCricket (@CabCricket) October 12, 2026
अभिषेक के साथ सुदीप का भी शतक
दिल्ली को पहली पारी में 240 रनों पर समेटने के बाद बंगाल ने मैच के दूसरे दिन खेल समाप्त होने तक 3 विकेट पर 304 रन बना लिए हैं. उसे पहली पारी में 64 रनों की बढ़त मिल चुकी है. अभिषेक ने नाबाद 114 रनों की पारी में 13 चौके और एक छक्का लगाया. उनके साथ सुदीप घरामी ने नाबाद 122 रन बनाए. अभिषेक और सुदीप के बीच 318 गेंदों पर 199 रनों की साझेदारी हो चुकी है. इससे पहले बंगाल के लिए गेंदबाजी में मोहम्मद शमी ने 4 और आकाश दीप ने 2 विकेट लिए थे. मुकेश कुमार को एक सफलता मिली.
क्यों हुई थी अभिषेक की गिरफ्तारी?
अभिषेक 11 अगस्त को कर्नाटक की मेडिकल छात्रा की शिकायत के बाद गिरफ्तार किए गए थे. उनके ऊपर शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया गया था. इसमें यह भी कहा गया था कि उन्होंने यौन संबंध बनाने के बाद शादी करने से इनकार कर दिया था. इसके बाद अभिषेक के ऊपर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया. शादी के झूठे वादे पर संबंध बनाने के आरोप में BNS की धारा 69 लगाई जाती है. अभिषेक ने एक महीने से अधिक समय तक जेल में बिताया. इसके बाद सितंबर में चिंसुरा अदालत ने जमानत दे दी. उसके बाद उन्हें बंगाल की रणजी टीम में शामिल किया गया.
कैब का क्या रवैया रहा?
अभिषेक के मामले पर क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) का रवैया तटस्थ रहा. उसने निजी और कानूनी मामलों से पूरी तरह दूरी बना ली. इसके बाज जब अदालत से पोरेल को जमानत मिली तो उन्हें टीम में शामिल कर लिया. कैब के मुताबिक, निजी और कानूनी मामले पोरेल के अपने हैं. अगर इसमें कुछ और बदलाव भविष्य में आता है तो हम उसी अनुसार कार्रवाई करेंगे. फिलहाल उनके खेलने पर कोई रोक नहीं है.