किस्मत बदलने वाला पर्वत : भिखारी को राजा बना सकता है हथेली का शनि पर्वत, शुभ हो तो जीवन में मिलती है बड़ी सफलता!
हस्तरेखा शास्त्र में शनि पर्वत को व्यक्ति के स्वभाव, धैर्य, अनुशासन, मेहनत और सफलता से जोड़कर देखा जाता है. हथेली में शनि पर्वत की शुभ-अशुभ स्थिति जीवन पर गहरा असर डालती है. जानिए शनि पर्वत से मिलने वाले संकेत.
हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के हर पर्वत और रेखा का खास महत्व बताया गया है. इसमें 'शनि पर्वत' भी शामिल है. जिस तरह कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति देखी जाती है, वैसे ही हाथ में शनि पर्वत की स्थिति देखी जाती है. इससे व्यक्ति की पर्सनालिटी, करियर, सफलता, संघर्ष आदि के बारे में जाना जा सकता है. ज्योतिष में यह बात आमतौर पर कही जाती है कि यदि शनि प्रसन्न हो जाए तो भिखारी को राजा बना देते हैं, वहीं नाराज हो जाएं तो राजा को भिखारी बना देते हैं.
दुनिया में कई ऐसे प्रसिद्ध लोग हुए हैं, जिन्हें शनि ने पहले खूब संघर्ष कराया, लेकिन बाद में अपार धन, शोहरत और सफलता दी. हालांकि शनि के अलावा अन्य ग्रहों का भी इसमें योगदान रहता है. आज हम हस्तरेखा विशेषज्ञ इंदुबाला शर्मा से जानते हैं हथेली में शनि पर्वत से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत.
शनि की खूबियां
हथेली में यदि शनि पर्वत शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति अनुशासित, धैर्यवान, जिम्मेदार और न्यायप्रिय स्वभाव का हो सकता है. ऐसे लोगों को जीवन में बड़ी सफलता और ऊंचा मुकाम मिलने के प्रबल संभावना रहती है. वहीं शनि पर्वत कमजोर या असंतुलित हो तो व्यक्ति निराशा, चिंता और आत्मविश्वास की कमी जैसी परेशानियों का शिकार हो सकता है.
शनि पर्वत कहां होता है?
हाथ की सबसे लम्बी अंगुली मध्यमा के नीचे जो स्थान होता है, उसे शनि पर्वत कहते हैं. 9 ग्रहों में शनि देव को न्याय का देवता माना गया है. शनि पर्वत की स्थिति का विश्लेषण करके व्यक्ति के बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है.
शुभ शनि पर्वत: यदि शनि पर्वत न तो दबा हुआ हो और न जरूरत से ज्यादा उभरा हुआ हो, यानी कि संतुलित हो तो ऐसा व्यक्ति न्यायप्रिय होता है. ये लोग बेहद अनुशासित होते हैं. वे अपना धैर्य पूर्वक समय पर पूरा करते हैं. जल्दबाजी नहीं करते हैं. साथ ही अपना काम जिम्मेदारी से पूरा करते हैं. ये लोग अपने कर्तव्य निभाने में पीछे नहीं हटते हैं. इसके अलावा इन लोगों में किसी भी विषय को गहराई से जानने की खासी रुचि होती है. इसलिए ये अच्छे दार्शनिक, रिसर्चर बन सकते हैं.
अशुभ शनि पर्वत : यदि शनि पर्वत दबा हुआ हो या जरूरत से ज्यादा उभरा हो तो उसे हस्तरेखा शास्त्र में अच्छा नहीं माना जाता है. ऐसे लोग एकाकी जीवन बिताने वाले हो सकते हैं, उनका शादी करने में रुचि नहीं रहती है. वे निराशवादी हो सकते हैं. इन लोगों को प्यार-शादी में दिलचस्पी कम ही होती है लेकिन यदि किसी के प्यार में पड़ जाएं तो उसकी खुशी के लिए कितना भी बड़ा सेक्रिफाइज कर सकते हैं.
इसके अलावा ऐसे लोग आलस या सुस्ती. की वजह से जीवन में कई बार बहुत अच्छे अवसर से हाथ धो बैठते हैं. इन लोगों को जोड़ों में दर्द, गठिया जैसी शारीरिक समस्याएं भी होने की आशंका रहती है.
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कारोबार में सफलता
यदि शनि पर्वत संतुलित हो और उस पर नकारात्मक संकेत न हो तो ऐसा व्यक्ति लोहा, स्टील, पत्थर ,तेल , पेट्रोल आदि शनि से संबंधित व्यापार में खूब लाभ कमाता है.
इन क्षेत्रों में होता है नाम
जिन लोगों का शनि पर्वत अच्छा हो और उस पर कोई निगेटिव साइन न हो, साथ ही सूर्य पर्वत आदि भी अच्छी स्थिति में हों तब ऐसे लोग बड़े न्यायाधीश बनते हैं. बड़े दार्शनिक बन सकते हैं. इन लोगों को अपने काम, ईमानदारी के कारण खूब ख्याति मिलती है.
शनि पर्वत पर यदि स्टार का चिन्ह हो तो ऐसे लोग अपने जीवन में बहुत सफलता प्राप्त करते हैं और अच्छा जीवन जीते हैं.
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शनि पर्वत का अन्य पर्वतों से संबंध
शनि पर्वत का संबंध हथेली पर यदि सूर्य पर्वत से बन रहा हो तो ऐसे लोगों का जीवन में उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं. वहीं शनि पर्वत का संबंध गुरु पर्वत से बने तो ऐसे लोगों को मध्यम आयु यानी कि करीब 35-40 के बाद सफलता मिलने के योग बनते हैं
बता दें कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व के बारे में पूरी तरह जानने के लिए उसके हाथ की बनावट, रंग, अन्य रेखाओं, चिन्हों का भी विश्लेषण करना जरूरी है.
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(Disclaimer: हस्तरेखा शास्त्र पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है. हथेली की रेखाओं से भविष्य या जीवन की घटनाओं की जानकारी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है. इसे निश्चित भविष्यवाणी न मानें.)