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बच्चों या संतान का सुख इंसान की जिंदगी में बहुत मायने रखता है. हस्तरेखा शास्त्र में हथेली में संतान सुख चैक करने के कुछ तरीके बताए हैं. इसके लिए संतान रेखा, पर्वतों का अध्ययन किया जाता है. मान्यता है कि इन रेखाओं की स्थिति, स्पष्टता और संख्या से संतान को लेकर कुछ संकेत मिल सकते हैं. कुछ मामलों में बेटा होगा या बेटी होगी इसके संकेत भी मिलते हैं. हस्तरेखा विशेषज्ञ इंदुबाला शर्मा से जानते हैं कि हथेली में संतान रेखा कहां होती है और इसे कैसे देखा जाता है. ताकि आप खुद अपने हाथ में ये चैक कर सकें.
हस्तरेखा विशेषज्ञ इंदुबाला शर्मा कहती हैं कि हथेली में संतान की रेखाओं का निरीक्षण करते समय बहुत ही सावधानी रखनी पड़ती है क्योंकि ये बहुत बारीक होती है. इनका एनालिसिस करने के लिए मैग्नीफाइंग ग्लास की जरूरत पड़ती है. संतान रेखा बुध पर्वत पर विवाह रेखाओं के अंत में उससे ऊपर की ओर जाने वाली खड़ी रेखा होती है.
इन रेखाओं की संख्या से ही पता चलता है कि व्यक्ति को कितने बच्चे होने के योग बन रहे हैं. हस्तरेखा में मान्यता है कि इसमें स्पष्ट रेखाएं पुत्रों की संख्या दर्शाती हैं और हल्की रेखाएं कन्याओं की संख्या बताती हैं.
बच्चे का स्वास्थ्य - गहरी स्पष्ट और बेदाग संतान रेखा बच्चे की अच्छी सेहत का संकेत देती है. वहीं अस्पष्ट और लहरदार सी रेखाएं, संतान के स्वास्थ्य में समस्या, संतान संबंधी समस्या दिखाती हैं.
कितने बच्चे - संताना रेखाओं की गिनती से संतान की संख्या का विचार किया जाता है.

संतान रेखाओं को महिला और पुरुष दोनों के हाथों में देखा जाना चाहिए, क्योंकि दोनों में से किसी एक के हाथ में कोई अन्य समस्या है तो नतीजे बदल जाते हैं. यही वजह है कि कुछ हस्तरेखा विशेषज्ञ शुक्र पर्वत को अंगूठे से जोड़ने वाली चेन रेखा से भी संतान योग चैक करते हैं. वहीं संतान के बारे में बेहतर तरीके से जानने के लिए जातक के हाथ में गुरु और शुक्र पर्वत का अध्ययन करना भी जरूरी है.
गुरु पर्वत विवाह का कारक है और शुक्र प्रेम, आकर्षण आदि भौतिक सुख का. यदि गुरु पर्वत सही न हो और विवाह न हो पाए या विवाह में समस्या आ जाए तो संतान योग में बाधा आ सकती है. इसी तरह अशुभ शुक्र ग्रह महिला-पुरुष को प्रजनन या फर्टिलिटी संबंधी बीमारियां दे सकता है.
भाई-बहन की संख्या - हथेली पर शुक्र पर्वत पर स्थित खड़ी रेखाओं से भाई-बहन की संख्या देखी जाती है. इन रेखाओं में स्पष्ट रेखाओं की संख्या ही भाई बहनों की संख्या बताती हैं.
परिवार का साथ मिलेगा या नहीं - जिन लोगों के हाथ में जीवन रेखा के प्रारंभ में जीवन रेखा के साथ एक छोटी सी रेखा भी हो तो ऐसे लोगों को पूरी जिंदगी अपने माता पिता, परिवार का पूरा सहयोग मिलता है.
परिवार से दूरी - वहीं अंगूठे के नीचे बना घेरा फैमिली रिंग कहलाता है, यदि यह धुंधला या टूटा हुआ हो तो ऐसे लोगों का परिवार से ज्यादा जुड़ाव नहीं होता है. कुछ मामलों में उनके परिवार से गहरे मतभेद हो सकते हैं.
(Disclaimer: हस्तरेखा शास्त्र पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है. हथेली की रेखाओं से भविष्य या जीवन की घटनाओं की जानकारी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है. इसे निश्चित भविष्यवाणी न मानें.)