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दिवाली पर सभी धनलक्ष्मी माता की पूजा करते हैं, जो कि लक्ष्मी जी के आठ रूपों यानी कि अष्टलक्ष्मी में से एक हैं और धन देती हैं. धर्म-शास्त्रों में अष्टलक्ष्मी का वर्णन मिलता है और प्रत्येक रूप का एक खास महत्व है. मां लक्ष्मी के ये सभी 8 रूप में से हर एक विभिन्न प्रकार के सुख-संपदा का प्रतीक हैं. यानी कि अष्टलक्ष्मी का वह रुप संबंधित सुख-संपदा देता है. जैसे - धनलक्ष्मी (पैसा), गजलक्ष्मी (यश, वैभव), संतान लक्ष्मी (संतान).
आज हम अष्टलक्ष्मी के आठों रूप और उनकी पूजा से होने वाला लाभ जानते हैं. साथ ही यह भी जानेंगे कि किन संकेतों से जानें कि आपके जीवन में किस लक्ष्मी की कमी है या कौन-सी लक्ष्मी नाराज हैं. ताकि उस लक्ष्मी की पूजा करके उसे प्रसन्न किया जा सके. ताकि दिवाली पर अष्टलक्ष्मी की पूजा से आप अपनी जिंदगी की समस्याओं से निजात पा सकें.
यदि आप पर खूब कर्ज हो गया है और आप लोगों या बैंक आदि का उधार नहीं चुका पा रहे हैं. पैसों के कारण विवाद हो रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपसे गजलक्ष्मी नाराज हैं. क्योंकि आपको धन के साथ मान-सम्मान बनाए रखने की भी जरूरत है.
उपाय : दिवाली पर कमल पर विराजमान लक्ष्मी जी की 2 हाथियों के चित्रों के साथ पूजा करें. साथ ही इस दिन तिजोरी में हाथी का छोटा चांदी का सिक्का रखें.
अगर बेरोजगारी या रोजगार में बार-बार रुकावट के कारण घर में धन और धान्य (अनाज, खाने-पीने की चीजें) की कमी हो गई है तो आप इस दिवाली धान्यलक्ष्मी को मनाएं.
उपाय: अन्न देने वाली समृद्धि की देवी धान्य लक्ष्मी का मन में स्मरण करते हुए पूजा करें. साथ ही 5 तरह के अनाज (गेहूं, चावल, दाल, चना, जौ) की छोटी पोटली बनाकर रसोई में रखें.
अगर घर में हमेशा आपको या किसी न किसी सदस्य को बीमारियां बनी रहती हैं. तो आप से आदिलक्ष्मी नाराज हैं. इस लिए व्यक्ति शरीर या मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं रह पाता है.
उपाय : आदिलक्ष्मी स्वास्थ्य, लंबी उम्र देने और आध्यात्मिक कल्याण करने वाली देवी हैं. दिवाली की रात आदिलक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनका स्मरण करते हुए तुलसी के पौधे के पास घी का दीया जलाएं और पूरे परिवार के लिए अच्छे स्वस्थ शरीर व मन की कामना करें.
जो दंपत्ति नि:संतान हैं या संतान से किसी प्रकार का कष्ट है, तो आप संतानलक्ष्मी की पूजा करें. ये संतान की रक्षा करने, उसे अच्छे संस्कार देने वाली लक्ष्मी हैं.
उपाय: दिवाली के दिन संतान लक्ष्मी का ध्यान करें, उनसे अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करें. साथ ही बच्चों के हाथ से लक्ष्मी जी को खीर का भोग लगवाएं.
अगर आपमें कॉन्फिडेंस कम है या किसी कारण से आपकी हिम्मत टूट गई है, आप किसी मामले में जरूरी कदम नहीं उठा पा रहे हैं, तो आप धैर्यलक्ष्मी या वीर लक्ष्मी की पूजा करें.
उपाय: दिवाली के दिन वीर लक्ष्मी का स्मरण करें, पूजा में लाल फूल अर्पित करें. साथ ही सुबह हनुमान जी की पूजा करें.
नौकरी में प्रमोशन नहीं मिल पा रहा या एग्जाम-इंटरव्यू में सफलता नहीं मिल रही है तो विद्यालक्ष्मी को प्रसन्न करने की जरूरत है. वे ज्ञान और बुद्धि की लक्ष्मी हैं.
उपाय: दिवाली की पूजा में अपने लेपटॉप, किताब-पेन की भी पूजा करें और उन पर केसर का तिलक लगाएं. केसर न हो तो हल्दी लगे अक्षत (साबुत चावल) छिड़कें.
अगर आपकी महत्वपूर्ण डील होते-होते रुक जा रही हैं, कोर्च-कचहरी के मामले में हार हो रही है, कोई काम सफल नहीं हो रहे हैं तो आपको मां विजयलक्ष्मी के आशीर्वाद की जरूरत है.
उपाय: दिवाली की रात शंख बजाकर विजयलक्ष्मी का आह्वान करें. उनका स्मरण करें और सफलता देने की प्रार्थना करें.
यदि आपके हाथ में पैसा टिकता नहीं है या बहुत कम आ रहा है, कारोबार में बार-बार घाटा लग रहा है, तंगी से परेशान हैं, तो आपको मां धनलक्ष्मी को मनाने की जरूरत है.
उपाय: दिवाली पर अधिकांश लोग धनलक्ष्मी की पूजा करते हैं. पूजा में 8 कौड़ियां भी रखो. कौड़ियां के आगे भी एक दीपक जलाओ. पूजा के बाद उन्हें तिजोरी, धनस्थान या पूजाघर में सम्मान से रख लो. धनलक्ष्मी का रूप है, कमल पर विराजमान मां लक्ष्मी जिन पर 2 हाथी धन वर्षा कर रहे हों.
(Disclaimer-यह लेख लोक मान्यताओं और ज्योतिष शास्त्र की सामान्य जानकारी पर आधारित है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है. नतीजों को सटीक न मानें और किसी भी उपाय को करने से पहले अपने पंडित या ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें.)