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धनतेरस या धन त्रयोदशी के दिन लोग सोना, चांदी, बर्तन, गहने, कपड़े, धनिया के बीज और झाड़ू जैसी कई चीजें खरीदते हैं. जिन्हें लेकर मान्यता है कि इस दिन खरीदी गईं ये चीजें पूरे साल घर में धन-धान्य बढ़ाती हैं. मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और पैसों की तंगी दूर होती हैं. लेकिन कई बार व्यक्ति के पास ये सब खरीदने की भी स्थिति नहीं होती है या उसे बार-बार नुकसान का सामना करना पड़ रहा होता है. ऐसे में धनतेरस के शुभ दिन लोग लाल किताब या ज्योतिष में बताए उपाय आजमाते हैं, ताकि उनकी किस्मत बदल सके. इस साल 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को धनतेरस है.
आज हम धनतेरस से जुड़ा एक ऐसा उपाय जानते हैं जिसे लाल किताब और ज्योतिष में पैसों की तंगी दूर करने के लिए बहुत प्रभावी माना गया है. ये आसान उपाय किन्नरों से जुड़ा है. जो कि आपकी सोई हुई किस्मत को जगा सकता है.
धनतेरस के दिन किन्नर से एक सिक्का मांग लें और उसे अपनी तिजोरी, पर्स या धन स्थान पर रख लें. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि किन्नर आपको वो सिक्का अपनी मर्जी और खुशी से दे. इसके लिए उसे कुछ पैसे, हरी चूड़ियां, कपड़े आदि अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करें. फिर सम्मानपूर्वक बात करते हुए उनसे सिक्का मांग लें. कई किन्नर बिना मांगे भी सिक्का दे देते हैं.
इसके बाद सिक्के को तिजोरी, पर्स या धन स्थान पर रखने से पहले उसकी पूजा करें. धनतेरस की पूजा में उसे माता लक्ष्मी और धनकुबेर के चरणों में रखें. फिर पूजा के बाद सिक्के को लाल या पीले रेशमी कपड़े में बांधकर तिजोरी, पर्स, लॉकर आदि में रख दें. मान्यता है कि इससे धन-समृद्धि बढ़ने लगती है. धन आने की राह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं.
किन्नर द्वारा दिया गया सिक्का बरकत कैसे लाता है, इसके पीछे की वजह खास है. दरअसल, ज्योतिष शास्त्र में किन्नरों का संबंध बुध ग्रह से माना गया है. बुध ग्रह को धन, व्यापार, बुद्धि का कारक माना गया है. धनतेरस के शुभ दिन किन्नर से लिया गया सिक्का धन, व्यापार बढ़ाता है. व्यक्ति को काम में तरक्की मिलती है और आर्थिक स्थिति बेहतर होती है. घर में पैसा टिकने लगता है.
(Disclaimer- यह स्टोरी सामान्य धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है.)