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देश के कई राज्यों में हाल में ही मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया संपन्न हुई. एसआईआर को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर हमलावर है. इस बीच पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे अपीलीय ट्रिब्यूनल के जजों को जल्द ही डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के जरिए पोर्टल पर लॉगिन की सुविधा मिल सकती है. इसको लेकर चुनाव आयोग से सहमति जता दी है.
दरअसल, जजों की हालिया मांग पर विचार करते हुए चुनाव आयोग ने कई अहम बदलाव किए हैं. नए परिवर्तन के बाद से जजों को पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए और अपने आदेश को अपलोड करने के लिए आधार से जुड़े ई-साइन की जगह केव डिजिटल सिग्नेचर वाली पेन ड्राइव का इस्तेमाल करना होगा. इतना ही नहीं अब जज एक साथ कई आदेश अपलोड कर पाएंगे. इससे पहले एक बार में केवल एक ही आदेश अपलोड किया जा सकता था.
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चुनाव आयोग ने SIR ट्रिब्यूनल के जजों की दो और मांगें भी मान ली हैं. इसमें एक-एक करके आदेश अपलोड करने की बजाए, जज एक साथ कई आदेशों को पोर्टल पर अपलोड कर पाएंगे. माना जा रहा है कि इससे कम समय में आदेश अपलोड हो पाएंगे और अतिरिक्त समय की बचत के साथ मेहनत भी कम लगेगी.
जानकारी दें कि इससे पहले लॉगिन के लिए सितंबर में आधार से जुड़े ई-साइन की व्यवस्था की गई थी. हालांकि, जजों ने आधार का इस्तेमाल करने से परहेज किया, जिस कारण वह काफी समय में आदेश पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सके थे. अब माना जा रहा है कि नई सुविधा मिलने के बाद आदेश आसानी अपलोड हो पाएंगे.
बताया जाता है कि इस दौरान ECINET पोर्टल में एक और नई सुविधा भी जोड़ी जा रही है, जिसकी मदद से जज अपने आदेशों को पहले ड्राफ्ट के रूप में सेव कर पाएंगे. इसका सीधा मतलब है कि अंतिम आदेश जारी करने से पहले उसमें जरूरी बदलाव किया जा सकेगा. बताया जाता है कि करीब 2 हफ्ते पहले भी चुनाव आयोग ने पोर्टल में बदलाव किया था. पहले जजों को केवल 13 तय दस्तावेजों पर निर्भर होना पड़ता था, लेकिन अब पोर्टल पर 14वां विकल्प अन्य कोई दस्तावेज भी जोड़ा गया है.
चुनाव आयोग की ओर से जोड़े गए नए विकल्प के तहत जज अब अपने विवेक के आधार पर कोई ऐसा दस्तावेज भी पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं, जिसको वह मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए सभी एसआईआर आदेशों में यह स्पष्ट किया गया कि 13 दस्तावेजों की सूची केवल सांकेतिक ही है.
इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग ने बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को निर्देश दिया है है कि ट्रिब्यूनल जजों के ऑफिसेज को किसी अन्य सुविधाजनक और केंद्रीय स्थान पर शिफ्ट करने की मांग पर काम करें.