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क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों में मर्जर होने वाला या सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले गुट में टूट होने वाली है. ये सवाल रविवार देर रात दिल्ली में हुई बैठक के बाद सामने आया है, जहां सुनेत्रा पवार वाले एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इसके बाद से महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं.
सूत्रों के मुताबिक, शाह से मिलने वाले नेताओं ने उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार व राज्यसभा सांसद पार्थ पवार के बढ़ते आंतरिक प्रभाव को लेकर अपनी शिकायतें रखीं. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय उन्हें दरकिनार किया जा रहा है.
दिल्ली में अमित शाह के साथ हुई इस बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मुंबई में एनसीपी के सभी विधायकों की आपातकालीन बैठक बुलाई है. यह महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार शाम 7:00 बजे सुनेत्रा पवार के आधिकारिक आवास 'देवगिरी' में होगी. पिछले चार महीनों में यह पहली बार है, जब पार्टी के सभी विधायकों की एक व्यापक बैठक बुलाई गई है.
सूत्रों का मानना है कि मंगलवार को होने वाली विधायकों की इस बैठक में संगठन से जुड़े कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं. हालांकि, पार्टी प्रवक्ताओं का दावा है कि इस बैठक में 'महायुति' गठबंधन के भीतर तालमेल, एकता और भविष्य की रणनीति को लेकर आंतरिक बातचीत चल रही है.
इस बीच, सोमवार को एनसीपी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई मुलाकात को पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेद के रूप में पेश किया जा रहा था. उन्होंने इसे पार्टी नेतृत्व के बीच मनमुटाव और तालमेल की कमी का एक मनगढ़ंत नैरेटिव बनाने की शरारती कोशिश बताया.
पाटिल ने कहा कि कुछ ताकतें इस मुलाकात का बेवजह राजनीतिकरण कर रही हैं और ऐसी खबरें फैला रही हैं जिससे लगे कि एनसीपी के भीतर मतभेद हैं. उन्होंने इन दावों को बेबुनियाद और गुमराह करने वाला बताया.
उन्होंने स्पष्ट किया कि NCP की राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सांसद पार्थ पवार के साथ पहले ही अमित शाह से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के सामने आ रहे विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की थी. पाटिल ने बताया कि उस बैठक के दौरान, सुनेत्रा पवार ने खुद गृह मंत्री शाह को सूचित किया था कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करेगा और उन्होंने इस बातचीत के लिए समय देने का अनुरोध किया था.
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को अजीत पवार के कार्यकाल से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों, महाराष्ट्र के हितों से जुड़े मुद्दों और पार्टी से संबंधित विभिन्न विषयों की अच्छी जानकारी थी. इसलिए, उन्होंने स्पष्ट किया कि सोमवार की यह बैठक पहले से तय थी और एक औपचारिक बैठक थी.
बातचीत के दौरान, नेताओं ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दे भी उठाए. पाटिल ने बताया कि गठबंधन सहयोगियों के नेताओं के बीच विचारों का एक सामान्य और अनौपचारिक आदान-प्रदान भी हुआ, जैसा कि 'महायुति' में अक्सर होता है.
उन्होंने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि यह बैठक सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को दरकिनार करके की गई थी. उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से झूठा, तथ्यों के विपरीत और गुमराह करने वाला बताया. पाटिल ने कहा कि एनसीपी 'महायुति' गठबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और पूरी तरह एकजुट है. पार्टी अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के मजबूत नेतृत्व में मिलकर काम कर रही है.
उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि कोई भी खबर छापने से पहले तथ्यों की जांच जरूर कर लें. उन्होंने कहा कि केवल अटकलों और कयासों के आधार पर पार्टी के भीतर आंतरिक कलह की बात करना अनुचित है. पाटिल ने कहा, 'गठबंधन सहयोगियों के नेताओं के बीच होने वाली औपचारिक बैठकों का राजनीतिकरण न करें. प्रायोजित (प्लांट की गई) खबरों और वास्तविक तथ्यों के बीच का अंतर समझें.'
(एजेंसी आईएएनएस)