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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इसी बीच सहारनपुर के सौराणा में बहुजन समाज पार्टी की विशाल जनसभा को संबोधित करने पहुंचे बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा. आकाश आनंद ने सपा को भाजपा की बी-टीम बताते हुए अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाए. वहीं, भाजपा सरकार को शिक्षा, रोजगार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरा. उन्होंने कहा कि जनता को मुफ्त राशन नहीं, बल्कि रोजगार चाहिए. जनता को सरकार से सिर्फ तीन चीजें चाहिएं-सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार.
सहारनपुर के सौराणा में आयोजित जनसभा में आकाश आनंद ने अपने संबोधन की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी की विचारधारा और बहन मायावती के संदेश से की. उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी का आंदोलन केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि समाज के दबे-कुचले और शोषित वर्गों को उनका अधिकार दिलाने के लिए है. आकाश आनंद ने कहा कि गुर्जर हों या जाट, हर समाज के लोग बहुजन समाज पार्टी के सिपाही हैं. सभी वर्गों के लोग बहन मायावती को अपना नेता मानते हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया. आकाश आनंद ने समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सपा भाजपा की बी-टीम है.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के बेटे धनराज नाथवानी को समाजवादी पार्टी ने टिकट दिया था. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री ने लोकसभा में अखिलेश यादव को अपना दोस्त बताते हुए कहा था कि वह समय-समय पर उनकी मदद करते रहते हैं. आकाश आनंद ने कहा कि अखिलेश यादव की राजनीति की दिशा ही तय नहीं है. कभी PDA में पंडितों की बात होती है तो कभी पिछड़ों की. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को पहले यह तय करना चाहिए कि उसकी राजनीतिक विचारधारा और दिशा क्या है. आकाश आनंद ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, लेकिन यह डबल इंजन सरकार तेल ज्यादा पीती है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और सपा दोनों की सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश की जनता ने जंगलराज देखा है.
उन्होंने कहा कि जनता की सबसे बड़ी जरूरत सुरक्षा है, लेकिन जब हत्या और अपराध के मामले सामने आते हैं तो सरकार के कानून-व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े होते हैं. आकाश आनंद ने दावा किया कि हत्या के दर्ज मामलों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक पर है. उन्होंने सरकार के एनकाउंटर मॉडल पर भी सवाल उठाए.
शिक्षा के मुद्दे पर आकाश आनंद ने कहा कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में करीब 25 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए. उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में लाखों युवा बेरोजगार हैं और शिक्षकों के पद खाली हैं तो सरकार स्कूल बंद करने के बजाय शिक्षकों की भर्ती क्यों नहीं कर रही? उन्होंने दावा किया कि डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती अब तक अधूरी है. आकाश आनंद ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गरीब और बहुजन समाज के बच्चे पढ़ते हैं. स्कूल बंद होने से सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं परिवारों के बच्चों को हो रहा है. उन्होंने इसे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया. रोजगार के मुद्दे पर आकाश आनंद ने सरकार की मुफ्त राशन योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय मुफ्त राशन पर निर्भर रखा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि एक सरकारी चपरासी को भी महीने में कम से कम 30 हजार रुपये वेतन मिलता है, यानी सालाना करीब 3 लाख 60 हजार रुपये. ऐसे में युवाओं को रोजगार देने की जरूरत है, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मान के साथ कर सकें. उन्होंने कहा कि जनता को 10 हजार रुपये के राशन से ज्यादा जरूरी 30 हजार रुपये की नौकरी है. आकाश आनंद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का मुद्दा उठाते हुए कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से नौकरियों पर असर पड़ रहा है. ऐसे में केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के युवाओं को AI की पढ़ाई और ट्रेनिंग देने के लिए क्या व्यवस्था की है?. उन्होंने सवाल किया कि जब दुनिया तेजी से तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है तो बहुजन समाज के युवाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सरकार क्या कर रही है?.
आकाश आनंद ने भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक रोकने में नाकाम साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर परीक्षाओं के पेपर लीक नहीं होंगे तो सरकार को भर्तियां करनी पड़ेंगी और युवाओं को रोजगार देना पड़ेगा. उन्होंने युवाओं के भविष्य को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि रोजगार के लिए युवा लगातार भटक रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही है. आकाश आनंद ने सपा और कांग्रेस पर संविधान के नाम पर बहुजन समाज से वोट मांगने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इन दलों ने संविधान की किताब दिखाकर बहुजन समाज का समर्थन तो हासिल किया, लेकिन समाज के हित में कोई ठोस काम नहीं किया. उन्होंने अखिलेश यादव की ओर से चौधरी चरण सिंह के परिवार को लेकर की गई टिप्पणी को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
आकाश आनंद ने भाजपा सरकार पर विज्ञापनों के जरिए अपनी छवि चमकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में विकसित और सुरक्षित उत्तर प्रदेश के विज्ञापनों पर जनता के टैक्स के सात हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार वास्तव में विकास और सुरक्षा के मोर्चे पर सफल है तो उसे अपनी उपलब्धियां बताने के लिए इतने बड़े विज्ञापनों की जरूरत क्यों पड़ रही है.
(सहारनपुर से नीना जैन की रिपोर्ट)