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विदेशी सहारे से PM बने और अब भी ले रहे मदद, किसी भी मंच पर कर लीजिए बहस- राहुल गांधी का पलटवार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने आज उन्हें चैलेंज दिया है. विदेशी ताकतों के साथ हाथ मिलाने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि वे किसी भी मंच पर और किसी भी समय उनका सामना करने के लिए तैयार हैं.

विदेशी सहारे से PM बने और अब भी ले रहे मदद, किसी भी मंच पर कर लीजिए बहस- राहुल गांधी का पलटवार
Image Credit: राहुल गांधी की फाइल फोटो

नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को पीएम मोदी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने विपक्ष को निशाना बनाया था. गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री बनने और पद पर बने रहने के लिए मोदी विदेशी समर्थन पर निर्भर हैं. राहुल गांधी ने पीएम मोदी को खुली बहस की चुनौती भी दी और कहा कि वे किसी भी मंच पर और किसी भी समय उनका सामना करने के लिए तैयार हैं.

पीएम मोदी ने गुजरात में 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पर 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के मौके पर अपने संबोधन के दौरान विपक्ष पर निशाना साधा. प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने की अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने के बजाय, काम में बाधा डालने वाली ताकत बन गए हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ताकतें देश को बांटने की साजिश रच रही हैं. उन्होंने विदेशों में मौजूद भारत-विरोधी तत्वों के साथ उनके कथित संबंधों पर सवाल उठाए और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके अफवाहें फैलाने तथा भारत की छवि खराब करने के खिलाफ चेतावनी दी. (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने X हेंडल से पोस्ट करते हुए लिखा,'मोदी जी, इस देश से झूठ बोलना बंद कीजिए. आप विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने। और विदेशी मदद से ही प्रधानमंत्री बने हुए हैं. आपकी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में और समर्थन से है. विदेशी सोशल मीडिया पूरी तरह आपके साथ खड़ा है. मैं आपको इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देता हूं. कोई भी मंच, किसी भी समय. हिम्मत है तो आइए. आप नहीं आएंगे, क्योंकि जो मैं आपके बारे में जानता हूं आप उससे डरते हैं.'

सरदार वल्लभभाई की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,'लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी सरकार की नीतियों का विरोध करना है, लेकिन यह हमारा दुर्भाग्य है कि विपक्ष अब एक 'बाधा डालने वाली ताकत' (अवरोध पक्ष) बन गया है.'पीएम ने आगे कहा,'वे हताशा और निराशा की वजह से देश के विकास में रुकावटें पैदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा,'यह विरोध नहीं है; यह अवरोध है. उन्होंने इसे अपना राजनीतिक एजेंडा बना लिया है. वे संविधान की गरिमा और पवित्रता को कमजोर करने में लगे हुए हैं.'

प्रधानमंत्री ने 'विदेशी संबंधों' पर सवाल उठाए

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि कुछ ताकतें देश को बांटने की साजिश रच रही हैं. उन्होंने लोगों से ऐसी कोशिशों को पहचानने और उनका सामना करने की बात भी कही. पीएम ने कहा,'कुछ ताकतें लगातार देश को बांटने की साजिश रचने में लगी हुई हैं. एक दशक से अधिक की हताशा और निराशा के बाद, ये ताकतें अब खुलकर सामने आ गई हैं.'

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About the Author

Tahir Kamran

Tahir Kamran

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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