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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के केवड़िया में देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद उन्होंने स्टैचू ऑफ यूनिटी के पास बने परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लिया. इस मौके पर उन्होंने लोगों को देश की अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए विशेष संकल्प भी दिलाया.
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आज का कार्यक्रम कुछ अलग है. अब तक हम एकता दिवस का यह कार्यक्रम सुबह के समय आयोजित करते रहे हैं. इस बार थोड़ा बदलाव हुआ है और हम सभी शाम को एकत्र हुए हैं. सुबह के समय लाखों नागरिकों ने एकजुटता के संकल्प के साथ 'रन फॉर यूनिटी' (राष्ट्रीय एकता दौड़) में भाग लिया और हमने अपने देशवासियों का अपार उत्साह देखा. इस महान राष्ट्र का नागरिक होने पर गर्व है और सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति कृतज्ञता है, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद 550 से अधिक रियासतों को एकजुट किया और अपने लौह संकल्प से इस राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोया.'
#WATCH | Ekta Nagar, Gujarat: Prime Minister Narendra Modi says, "Wars have broken out among multiple nations across the world. The economies of large and powerful nations are struggling through immense difficulties. The crisis of resources is continuously growing, and the global supply chain is scattered and disrupted. In such times, the unity of India, the solidarity of us fellow Indians, is our greatest strength, because it is this very unity that will steer us out of all these storms. In recent months, we have witnessed the world struggling with an energy crisis. In several countries, limits were even placed on the purchase of diesel and petrol. It was being predicted for India as well that, because it houses such a vast population and lacks domestic petroleum production, the greatest crisis would unfold here. Amidst these apprehensions, anti-India forces had also become active. However, it is a testament to India's capability that we did not allow the impact of this global energy crisis to hurt our citizens." (Source: DD News)
— ANI (@ANI) October 31, 2026
एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस के समारोह में पीएम मोदी ने कहा, 'एक गणतंत्र हमें जनता के प्रति जवाबदेह बनाए रखता है और एकता हमें एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की शक्ति देती है. इसलिए, हमारे देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और एकता दिवस - अब इन तीनों को पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर मैं सभी देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की बधाई देता हूं. मैं सरदार वल्लभभाई पटेल के चरणों में आदरपूर्वक नमन करता हूं.'
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, सरदार पटेल ने न केवल देश के भूगोल को जोड़ा, बल्कि राष्ट्र को भावनात्मक एकता के सूत्र में भी बांधा. गुजरात में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनरुत्थान की भी शुरुआत की. इस वर्ष उस महान कार्य के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं. जिस प्रकार सोमनाथ मंदिर की पताका सभी अत्याचारियों के इरादों को धता बताते हुए एक हजार वर्षों से पूर्ण स्वाभिमान के साथ लहरा रही है. उसी स्वाभिमान ने हमें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के लिए प्रेरित किया. इस वर्ष देश उतनी ही उमंग और उत्साह के साथ यह पर्व मना रहा है.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'गरीबी हटाओ' का नारा देने वाले खुद अमीर होते चले गए. लेकिन अब पिछले कुछ वर्षों में स्थिति बदलनी शुरू हुई है. अभी कुछ ही दिन पहले विश्व बैंक की एक रिपोर्ट जारी हुई है. यह रिपोर्ट बताती है कि 2024 से पहले के दस से बारह वर्षों में 50 करोड़ भारतीयों ने गरीबी को मात दी है. यानी जहां पहले 100 में से 27 लोग, एक चौथाई से अधिक, अत्यधिक गरीबी की गिरफ्त में थे, वहीं आज यह संख्या लगातार घटकर 100 में से तीन लोगों से भी कम रह गई है.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'दुनिया भर के कई देशों के बीच युद्ध छिड़ गए हैं. बड़े और शक्तिशाली देशों की अर्थव्यवस्थाएं बेहद कठिन दौर से गुजर रही हैं. संसाधनों का संकट लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (ग्लोबल सप्लाई चेन) बिखर व ठप हो गई है. ऐसे समय में भारत की एकता, हम देशवासियों की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, क्योंकि यही एकता हमें इन सभी तूफानों से बाहर निकालेगी.'
लोगों को आगाह करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'हाल के महीनों में हमने दुनिया को ऊर्जा संकट से जूझते देखा है. कई देशों में तो डीजल और पेट्रोल की खरीद पर सीमाएं तक तय कर दी गई थीं. भारत के लिए भी यही आशंका जताई जा रही थी कि इतनी बड़ी आबादी होने और घरेलू पेट्रोलियम उत्पादन न होने के कारण सबसे बड़ा संकट यहीं खड़ा होगा. इन आशंकाओं के बीच भारत विरोधी ताकतें भी सक्रिय हो गई थीं. हालांकि, यह भारत की क्षमता का ही प्रमाण है कि हमने इस वैश्विक ऊर्जा संकट का असर अपने नागरिकों पर नहीं पड़ने दिया.'
बताते चलें कि आजादी के बाद देश की रियासतों को एकजुट कर उसे राष्ट्र के रूप में बदलने की वजह से पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है. मौके पर देश की अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए विशेष संकल्प लिया गया.
समारोह में प्रधानमंत्री की उपस्थिति में भव्य राष्ट्रीय एकता परेड का आयोजन किया गया. इसमें देश के विभिन्न अर्धसैनिक बलों, राज्यों के पुलिस दलों और एनसीसी के कैडेट्स ने शानदार मार्च किया. समारोह में विभिन्न सुरक्षा बलों और सांस्कृतिक दलों ने अनेक साहसिक करतब, मार्शल आर्ट्स और विविधता में एकता का संदेश देती मनमोहक झांकियां भी प्रस्तुत कीं. उन्हें देखकर वहां मौजूद दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए.
LIVE: PM Shri @narendramodi participates in Rashtriya Ekta Diwas celebrations at Parade Ground, Ekta Nagar, Gujarat. https://t.co/ScKvNG6APP
— BJP (@BJP4India) October 31, 2026
उन्होंने मंच से देश को एकता के सूत्र में पिरोने वाले सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया. साथ ही, देश की आंतरिक सुरक्षा, राष्ट्र निर्माण और विविधता के बीच एकजुटता बनाए रखने की अपील करते हुए नागरिकों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने देश की प्रगति में हर नागरिक की साझी जिम्मेदारी और सहभागिता की बात कही.