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भागलपुर का सैंडिस कंपाउंड मैदान 31 अक्टूबर शनिवार को किसी अखाड़े से कम नहीं लग रहा था. मौका था भोजपुरी की चर्चित एक्ट्रेस डिंपल सिंह और मगही स्टार रोशन रोही की एक झलक पाने का. लेकिन, यह जलवा देखने की दीवानगी इतनी भारी पड़ी कि देखते ही देखते पूरा मैदान छावनी में बदल गया. हालात ऐसे बिगड़े कि बेकाबू भीड़ को खदेड़ने के लिए खाकी को लाठियां भांजनी पड़ गईं.
शनिवार शाम ढलते ही मैदान में तिल रखने की जगह नहीं बची थी. मंच पर जैसे ही कलाकारों के आने की सुगबुगाहट हुई, आगे बैठने और सेल्फी लेने की होड़ में लोग आपा खो बैठे. भीड़ इतनी तेजी से आगे बढ़ी कि सुरक्षा के लिए लगाई गई बांस-बल्लियों की बैरिकेडिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई. वीआईपी दीर्घा में रखे सोफे इधर-उधर बिखर गए और कुर्सियां हवा में उड़ने लगीं. मैदान में भगदड़ जैसे हालात बन गए, जिससे छोटे बच्चे और महिलाएं बुरी तरह सहम गए.
मैदान पर भारी पुलिस बल के साथ-साथ अग्निशमन विभाग की गाड़ियां और जवान भी मुस्तैद किए गए थे, लेकिन उमस भरी भीड़ के सैलाब के आगे सारा प्रशासनिक अमला का इंतजाम फेल साबित हुआ. जब भीड़ किसी भी बात को सुनने को तैयार नहीं हुई और मंच की ओर कूदने लगी, तब पुलिस को मजबूरी में मोर्चा संभालते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा.
लाठीचार्ज के बाद मैदान में भगदड़ मच गई और लोग चीखते-पुकारते बाहर भागने लगे. कुछ ही मिनटों में पूरा मैदान खाली सा हो गया और कुर्सियां टूटी हुई नजर आईं. गनीमत यह रही कि इस आपाधापी में किसी के गंभीर रूप से घायल होने या जान-माल के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
फिलहाल, इस पूरे हंगामे के बाद शहर के गलियारों में यही चर्चा है कि क्या बिना पुख्ता भीड़ प्रबंधन के ऐसे आयोजनों को हरी झंडी देना जनता की जान से खिलवाड़ नहीं है? ड्रोन से ली गई मैदान की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जो इस बात की गवाही दे रही हैं कि भीड़ कितनी भयानक थी.
रिपोर्ट: अश्वनी कुमार