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समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई, हाड़ कंपा देने वाली ठंड और चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर... इसी हालात के बीच केदारताल ट्रैक पर लापता जिंदगियों की तलाश हो रही है. केदारताल ट्रैक पर एवलांच में लापता हुए 8 लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है. इस अभियान के चौथे दिन आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF की टीम को पहली सफलता मिली है, लेकिन यह खबर अपने साथ गम भी लाई.
आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF की टीम ने अभियान के दौरान एक महिला और एक पुरुष का शव बरामद कर लिया है.
चार हजार मीटर की ऊंचाई पर सर्च ऑपरेशन
दरअसल, केदारताल ट्रैक पर कच्ची ढांग के पास 7 ट्रेकर और 1 स्थानीय गाइड बर्फीले तूफान की चपेट में आकर लापता हो गए थे. इसके बाद से ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई थी. जैसे ही मंगलवार को मौसम थोड़ा साफ हुआ, रेस्क्यू टीम ने जान जोखिम में डालकर चार हजार मीटर की ऊंचाई पर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया.
एक महिला और एक पुरुष का शव बरामद
इस सर्च ऑपरेशन के दौरान SDRF को दो शव मिले. जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है. उन्होंने बताया कि बरामद शवों में एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं. ये शव लापता हुए ट्रेकर्स के ही बताए जा रहे हैं. बुधवार को मौसम अनुकूल रहने पर दोनों शवों को हेलिकॉप्टर से हर्षिल हेलीपैड पर लाया जाएगा, जिसके बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा जाएगा.अभी मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है.
दो शवों के बरामद होने के बाद अब बाकी 6 लापता लोगों की तलाश हो रही है. एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी का कहना है कि बुधवार को सर्च ऑपरेशन को रफ्तार देने के लिए एक अतिरिक्त बैकअप टीम को जरूरी रसद और लाइफ सपोर्ट सामग्रियों के साथ केदारखड़क के लिए रवाना किया जाएगा.
बरामद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है, जबकि बाकी 6 लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है.
27 अक्टूबर को रवाना हुई थी टीम
आपको बता दें, 27 अक्टूबर को गंगोत्री से सात ट्रेकर्स और पांच सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 12 लोग केदारताल ट्रेक गए थे. इस टीम को गुरुवार 29 अक्टूबर को लौटना था, लेकिन लौटते वक्त भारी बर्फबारी और लैंडस्लाइड से उनका रास्ता बंद हो गया. जिसके बाद यह टीम वहीं फंस गई. 30 अक्टूबर को टीम में शामिल कुछ लोगों ने ट्रेकिंग एजेंसी को कच्ची ढांग के पास सुरक्षित होने की जानकारी दी और उनसे मदद मांगी.
जानिए कौन-कौन फंसा था?
हिमस्खलन के चलते फंसने वालों में पश्चिम बंगाल के तपस बाउरी, रतन घोष निवासी, मनोज खोवास, रिंटू मॉडल, उदय घोष, उत्तर प्रदेश की वर्तिका वर्मा, दीपिका वर्मा और सिद्धार्थ राणा थे. सभी हालातों को देखते हुए आशंका है कि ट्रेकर्स अचानक आए एवलांच की चपेट आ गए होंगे. जिसकी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन अब बर्फीले क्षेत्र में चलाया जा रहा है.
(उत्तरकाशी से हेमकांत नौटियाल की रिपोर्ट)