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Sarpanch Election Rules: राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 का बिगुल बज चूका है. सरपंच से लेकर पंच और प्रधान से लेकर जिला प्रमुख का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए नामांकन से पहले जरुरी खबर सामने आई है. ऐसे में यह चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए पात्रता और जरूरी शर्तों को समझना बेहद जरूरी है. पंचायत चुनावों को लेकर कई मर्तबा एजुकेशन योग्यता, बच्चों की संख्या और शौचालय जैसी शर्तों को लेकर सवाल उठते रहे हैं. 2026 के चुनाव के लिए उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें कुछ अहम बदलाव हो चुके हैं, जबकि कुछ शर्तें अब भी लागू हैं. पढ़ें पूरी खबर, वो भी विस्तार से...
सरपंच बनने के लिए पढ़ाई की शर्त खत्म
पंचायत चुनाव लड़ने की पात्रता में शैक्षणिक योग्यता का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में चला आ रहा है, ये बात आप सभी जानते हैं. बीते 11 साल पहले यानी कि साल 2015 में सरपंच पद के लिए कम से कम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास तय की गई थी. इसके आलावा अनुसूचित क्षेत्रों में 5वीं पास की पात्रता रखी गई थी. अब इस साल 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए यह शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई है. यानी सरपंच, पंच या वार्ड पंच का चुनाव लड़ने के लिए किसी भी निर्धारित कक्षा तक पढ़ा होना अनिवार्य नहीं है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि चुनाव लड़ने में उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता अब बाधा नहीं बनेगी.
दो से ज्यादा बच्चों वाले भी लड़ सकेंगे चुनाव
पंचायत चुनाव में बच्चों की संख्या को लेकर भी बड़ा बदलाव हुआ है. दो से अधिक बच्चे होने पर पहले पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक का प्रावधान था. लेकिन इस साल से यह शर्त भी पूरी तरह से हटा ली गई है. ताजा जानकारी के मुताबिक, राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम 2026, अधिनियम संख्या 6, 25 मार्च 2026 से लागू हुआ. इसके बाद दो-संतान की शर्त को भी हटा दिया गया है. यानी कि अब तीन या उससे अधिक बच्चों वाले व्यक्ति भी सरपंच, पंच, प्रधान या जिला प्रमुख का चुनाव बड़े ही जोर-शोर से लड़ सकेंगे.
शौचालय की शर्त अभी भी अहम
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को जहां एक तरफ शिक्षा और बच्चों की संख्या से जुड़ी पाबंदियों में बदलाव होने के बाद छूट मिली है, तो वहीं शौचालय से जुड़ी शर्त को लेकर पहले की तरह ही अभी भी सावधानी जरूरी है. मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, उम्मीदवार के घर में चालू और स्वच्छ शौचालय होना बेहद ही जरूरी है. इसके साथ यह भी शर्त बताई गई है कि परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच न करता हो. इसलिए नामांकन से पहले उम्मीदवार को इस संबंध में जरूरी घोषणा और प्रमाण से जुड़ी औपचारिकताओं की जानकारी ले लेनी चाहिए.
नामांकन से पहले दस्तावेजों की जांच
उम्मीदवारों को पंचायत चुनाव में नामांकन दाखिल करने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की बेहद जरुरत है. इन दस्तावेजों में सबसे ज्यादा जरूरी है. आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा वोटर आईडी पहचान के लिए जरूरी हो सकती है. आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को संबंधित जाति प्रमाण पत्र भी तैयार रखना चाहिए. इसके अलावा शौचालय से संबंधित घोषणा पत्र, मूल निवास प्रमाण और पंचायत से जुड़े बकाया नहीं होने का प्रमाण भी आवश्यक हो सकता है. सरकारी जमीन पर अतिक्रमण जैसी स्थितियों से जुड़े नियमों की भी पहले जांच कर लेना बेहतर है.
जरूर जांचें वोटर लिस्ट और आरक्षण
नामांकन भरने से पहले सबसे जरूरी कामों में अपनी ग्राम पंचायत की मतदाता सूची की जांच करना शामिल है. उम्मीदवार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका नाम संबंधित और नवीनतम मतदाता सूची में दर्ज है. इसके साथ अपनी ग्राम पंचायत की सीट का आरक्षण भी पहले ही देख लेना चाहिए. सीट SC, ST, OBC, महिला या सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है या नहीं, इसकी जानकारी आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम और संबंधित रिकॉर्ड से जांचना जरूरी है.
चेकलिस्ट- गलती से बचने के लिए
नामांकन से पहले उम्मीदवार वोटर लिस्ट में नाम, सीट का आरक्षण, उम्र से जुड़े दस्तावेज, पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, शौचालय संबंधी घोषणा और पंचायत के बकाया की स्थिति जांच लें. दस्तावेजों में किसी तरह की कमी या गलत जानकारी बाद में परेशानी का कारण बन सकती है. इसलिए सरपंच का पर्चा भरने से पहले सिर्फ चुनाव लड़ने की इच्छा पर्याप्त नहीं है. पात्रता, दस्तावेज और स्थानीय चुनाव नियमों की पूरी जांच करना जरूरी है, ताकि नामांकन प्रक्रिया के दौरान फॉर्म खारिज होने की स्थिति से बचा जा सके.