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यूरोप में युद्ध का असर विदेशी पर्यटकों पर पडने लगा है. रूस और यूक्रेन युद्ध के के बाद राजस्थान में पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. पर्यटन सीजन में जितनी चमक होनी चाहिए थी, उतनी अभी दिखाई नहीं दे रही है. आखिरकार पर्यटन सीजन के बीच कैसे पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा है.
20-30% विदेशी पर्यटक कम
यूरोपियन कंट्रीज में युद्ध का असर राजस्थान के पर्यटन पर दिखाई दे रहा है. प्रदेश में पर्यटन सीजन शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक विदेशी सैलानी राजस्थान तक नहीं पहुंच पा रहे. दुबई और अबू धाबी से फ्लाइट प्रभावित हो रही है. युद्ध के असर के कारण फ्लाइट महंगी भी हो रही, जिस कारण फोरन टूरिस्ट नहीं आ पा रहे.
माना जाता है कि विदेशी में से सबसे ज्यादा यूरोपियन कंट्रीज से करीब 60 प्रतिशत सैलानी राजस्थान पहुंचते है. यूरोपीयन देशों की फ्लाइट कनेक्टिविटी भी दुबई और अबू धाबी से है. जिस कारण वे राजस्थान तक नहीं पहुंच पा रहे है. इससे पर्यटन सीजन के शुरूआत में 20-30% विदेशी पर्यटक कम पहुंचे है.
50 प्रतिशत तक पर्यटन कारोबार प्रभावित
यूरोप में युद्ध का असर विदेशी पर्यटकों के साथ पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. व्यापारियों के मुताबिक, युद्ध का असर करीब 50 प्रतिशत तक पर्यटन कारोबार पर असर हुआ है. हालांकि देशी सैलानी तो पहुंच रहे है, लेकिन विदेशी सैलानियों की संख्या में पिछले सालों के मुकाबले कमी आई. दुकाने खाली है. व्यापारी विदेशी सैलानियों के इंतजार में है. उनका कहना है कि अभी तो स्थिति ठीक नहीं है. युद्ध का असर राजस्थान के पर्यटन पर साफ दिखाई दे रहा है.
आने वाले महीनों में उम्मीद
आने वाले महीनों में पर्यटन सीजन में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन कारोबार को भी रफ्तार मिल सकती है. पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का मानना है कि नवंबर और दिसंबर तक पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और कारोबार की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा. फिलहाल देशी पर्यटक पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं, जिससे कारोबारियों को कुछ राहत मिल रही है. हालांकि, पर्यटन उद्योग की असली उम्मीद विदेशी सैलानियों पर टिकी हुई है. विदेशी पर्यटकों की आमद बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसियों, गाइड और हस्तशिल्प कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ा फायदा मिल सकता है.
पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने के साथ ही बुकिंग में तेजी आने और बाजार में रौनक लौटने की संभावना है. कारोबारियों को उम्मीद है कि आगामी दो महीनों में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार व व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे.