अजमेर-जोधपुर-नागौर-बाड़मेर में RLP, डूंगरपुर में BAP की चुनौती! जानिए कहां बिना वोटिंग हो गई जीत?
राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में BJP-कांग्रेस के सामने RLP और BAP भी चुनौती पेश कर रही हैं. अजमेर, बाड़मेर, जोधपुर और नागौर में RLP की मौजूदगी, जबकि डूंगरपुर में BAP की सक्रियता मुकाबले को दिलचस्प बना रही है.
राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण में मुकाबला केवल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच नहीं है. अजमेर, जोधपुर, नागौर और बाड़मेर में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की मौजूदगी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है. वहीं, डूंगरपुर में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) की चुनौती भी अहम मानी जा रही है. इसके अलावा कई सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन होने से चुनाव की तस्वीर में एक अलग पहलू सामने आया है. पहले चरण में 16 जिलों की 586 जिला परिषद सीटों पर कुल 1,693 उम्मीदवार मैदान में हैं. ऐसे में अलग-अलग जिलों में प्रत्याशियों की मौजूदगी और स्थानीय चुनावी समीकरणों पर नजर रहेगी.
अजमेर: RLP के 17 उम्मीदवार मैदान में
अजमेर में जिला परिषद की 32 सीटों पर चुनावी मुकाबला है. पिछले जिला परिषद चुनाव में BJP ने 32 में से 21 सीटें जीती थीं. इसके बावजूद क्रॉस वोटिंग और कांग्रेस के समर्थन से बागी उम्मीदवार सुशील कंवर पलाड़ा जिला प्रमुख बन गई थीं.
इस बार अजमेर में RLP के 17 उम्मीदवार और 5 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं. इनकी मौजूदगी कुछ वार्डों में मुकाबले को प्रभावित कर सकती है. RLP और निर्दलीय प्रत्याशी किन सीटों पर मजबूत चुनौती पेश करते हैं, इस पर चुनावी नजर रहेगी.
बाड़मेर: RLP की मौजूदगी से मुकाबला दिलचस्प
बाड़मेर में जिला परिषद की 37 सीटें हैं. पिछले चुनाव में BJP ने इनमें से 18 सीटें जीती थीं, लेकिन क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस के महेंद्र चौधरी जिला प्रमुख बने थे.
इस बार बाड़मेर में RLP तीसरी ताकत के रूप में चुनाव मैदान में है. जिन क्षेत्रों में पार्टी का स्थानीय जनाधार मजबूत है, वहां मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है. इससे BJP और कांग्रेस के सामने चुनौती बढ़ सकती है.
जोधपुर और नागौर में RLP पर नजर
पहले चरण के चुनाव में जोधपुर और नागौर भी उन जिलों में शामिल हैं, जहां RLP की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इन जिलों में पार्टी की भागीदारी से कुछ सीटों पर मुकाबले का स्वरूप बदल सकता है. हालांकि, किस वार्ड में किस उम्मीदवार की स्थिति मजबूत होगी, इसका आकलन स्थानीय समीकरणों के आधार पर ही किया जा सकता है.
डूंगरपुर: BAP की चुनौती
डूंगरपुर में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) की मौजूदगी चुनावी मुकाबले का अहम पहलू है. यहां BJP और कांग्रेस के साथ BAP की भूमिका पर भी नजर रहेगी. पार्टी की चुनौती से कुछ सीटों पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है.
कई सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन
पंचायत चुनाव के पहले चरण में कई सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन भी हुआ है. यानी इन सीटों पर उम्मीदवारों को जीत दर्ज करने के लिए मतदान का सामना नहीं करना पड़ा. ऐसे में पहले चरण की चुनावी तस्वीर में मतदान वाले क्षेत्रों के साथ निर्विरोध निर्वाचन वाली सीटें भी महत्वपूर्ण हैं.राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में BJP और कांग्रेस के साथ RLP और BAP की मौजूदगी भी चर्चा में है. अजमेर और बाड़मेर में RLP के उम्मीदवारों की भूमिका, जोधपुर और नागौर में पार्टी की चुनौती तथा डूंगरपुर में BAP की मौजूदगी पर नजर रहेगी.