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झुंझुनूं महिलाओं की नवरात्र में अनोखी पहल: डांडिया छोड़ सड़कों पर उतरी, बिना हेलमेट वालों को रोककर राखी बांधकर दिया हेलमेट

झुंझुनूं में स्त्री शक्ति महिला संस्थान ने नवरात्र पर अनूठी पहल करते हुए बिना हेलमेट वाहन चला रहे लोगों को तिलक लगाकर राखी बांधी और 100 से अधिक हेलमेट वितरित किए. महिलाओं ने भाइयों से हेलमेट पहनकर वाहन चलाने और सुरक्षित घर लौटने का वादा लिया.

Written By Zee Rajasthan Web Team
Published: Oct 19, 2026, 05:15 PM IST | Updated: Oct 19, 2026, 05:37 PM IST
Image Credit: स्त्री शक्ति महिला संस्थान
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नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के साथ यदि किसी की जिंदगी बचाने का संकल्प भी लिया जाए, तो इससे बड़ी सामाजिक साधना क्या होगी? झुंझुनूं में स्त्री शक्ति महिला संस्थान ने इस बार नवरात्र को एक अनूठे अंदाज में मनाते हुए सड़क सुरक्षा को भावनात्मक रिश्तों से जोड़ दिया.

राखी बांधकर भाइयों को दिया सुरक्षा का संदेश 
यहां बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों को पहले तिलक लगाया गया. फिर राखी बांधकर भाई बनाया. हेलमेट भेंट किया और आखिर में सुरक्षित वाहन चलाने का संकल्प दिलाया गया. इस अनूठी पहल ने सड़क सुरक्षा के संदेश को भाई-बहन के रिश्ते और परिवार की चिंता से जोड़ दिया. दुर्गाष्टमी के अवसर पर झुंझुनूं शहर के पीरूसिंह सर्किल पर आयोजित हेलमेट वितरण कार्यक्रम में शहर कोतवाल श्रवण मील भी मौजूद रहे.

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100 से अधिक हेलमेट बांटे 
संस्थान की महिलाओं ने बिना हेलमेट जा रहे वाहन चालकों को रोककर उन्हें समझाया कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने का सुरक्षा कवच है. महिलाओं ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनसे वादा लिया कि वे आगे से हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाएंगे और सुरक्षित अपने परिवार के पास लौटेंगे. कार्यक्रम के तहत 100 से अधिक हेलमेट बांटे गए. संस्थान की सदस्य ललित राठौड़ का संदेश इस पहल का सबसे खास पहलू रहा. उन्होंने कहा 'Being Mothers, Being Daughters, Being Sisters, हम अपनी Families को Road पर Safe देखना चाहते हैं.' यानी मां, बेटी और बहन होने के नाते उनकी सबसे बड़ी चिंता यही है कि परिवार का हर सदस्य सड़क पर सुरक्षित रहे और सकुशल घर लौटे.

परिवार को सड़क पर सुरक्षित देखना चाहते हैं
सदस्य रविता झाझड़िया ने बताया कि स्त्री शक्ति महिला संस्थान हर साल कुछ नया करने का प्रयास करता है. पहले नवरात्र के दौरान आयोजित होने वाला रविरा कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा है, लेकिन इस बार संस्थान ने नवरात्र को सामाजिक जागरूकता के नौ दिवसीय अभियान के रूप में मनाने का निर्णय लिया. इसके तहत महिला सुरक्षा, कन्या सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, आत्मरक्षा और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं.

नौ दिवसीय सामाजिक जागरूकता अभियान
शहर कोतवाल श्रवण मील ने स्त्री शक्ति महिला संस्थान की पहल की सराहना करते हुए कहा कि दुर्गाष्टमी के अवसर पर महिलाओं ने अपने भाइयों की सुरक्षा की भावना से हेलमेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया है. उन्होंने इसे अच्छी पहल बताते हुए कहा कि अन्य सामाजिक संगठनों को भी समय-समय पर हेलमेट वितरण और सड़क सुरक्षा जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए.

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बता दें कि स्त्री शक्ति महिला संस्थान ने इस बार नवरात्र में पारंपरिक डांडिया महोत्सव के स्थान पर नौ दिवसीय सामाजिक जागरूकता अभियान आयोजित किया. अभियान के दौरान राजकीय कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कर नारी शक्ति का संदेश दिया गया. बालिकाओं को स्कूल बैग और लंच बॉक्स भेंट किए गए. इसके अलावा एक बालिका की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया गया और बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया गया. अभियान का समापन कन्या प्रसाद और उपहार वितरण के कार्यक्रम के साथ प्रस्तावित है.

शक्ति आराधना के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश 
संस्थान की इस पहल ने नवरात्र की शक्ति आराधना को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि देवी की पूजा के साथ परिवार की सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा और समाज में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है. तिलक, राखी, हेलमेट और संकल्प के जरिए महिलाओं ने यही समझाने का प्रयास किया कि सड़क पर सुरक्षा का वादा केवल नियमों से नहीं, अपनों के प्रति जिम्मेदारी से भी निभाया जाता है. 
 

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