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जैसलमेर में डेजर्ट नेशनल पार्क में 6 महीने के गोडावण की मौत, लोमड़ी के शिकार की आशंका

जैसलमेर मे डेजर्ट नेशनल पार्क (DNP) में लुप्तप्राय गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) के संरक्षण अभियान को झटका लगा है. हाल ही में जंगल में छोड़े गए छह महीने के एक नर गोडावण की मौत हो गई. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सम क्षेत्र में एक प्राकृतिक जलस्रोत (गाजलर) पर पानी पीने के दौरान मरू लोमड़ी के हमले में गोडावण के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, उसकी मौत के वास्तविक कारणों को लेकर जांच की जा रही है. ये ये भी पता लगाया जा रहा है, कि गोडावण का शिकार किसी वन्यजीव ने किया या इसके पीछे किसी शिकारी का हाथ है.

Reported ByShankar Dan
Published: Oct 21, 2026, 10:57 AM IST|Updated: Oct 21, 2026, 11:15 AM IST
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जैसलमेर में डेजर्ट नेशनल पार्क में 6 महीने के गोडावण की मौत, लोमड़ी के शिकार की आशंका
Image Credit: great indian bustard godawan

About the Author

Shankar Dan

Shankar Dan

शंकर दान, पिछले 12 से अधिक वर्षों से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सक्रिय एक अनुभवी और प्रतिष्ठित पत्रकार हैं, जो वर्तमान में ज़ी मीडिया (Zee Media) के लिए राजस्थान के सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सीमावर्ती जिले जैसलमेर से ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे हैं. उनके कार्यक्षेत्र में राजस्थान की राजनीतिक हलचलों और विधानसभा - लोकसभा चुनावों की कवरेज से लेकर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सुरक्षा व सामरिक मुद्दे, जैसलमेर की समृद्ध सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पर्यटन विरासत, और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी व गोडावण (Great Indian Bustard) संरक्षण जैसे वन्यजीव विषय प्रमुखता से शामिल हैं. इसके साथ ही वे स्थानीय जनसरोकार की समस्याओं और क्षेत्रीय घटनाओं को राष्ट्रीय पटल पर पूरी विश्वसनीयता के साथ उठाने के लिए पहचाने जाते हैं.
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सैटेलाइट ट्रैकिंग से मिली जानकारी
गोडावण की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाए गए, सैटेलाइट ट्रैकर से वैज्ञानिकों को घटना की जानकारी मिली. मौके पर पहुंची टीम को पक्षी के बिखरे पंख और अवशेष मिले. अधिकारियों ने सैटेलाइट डिवाइस बरामद कर ली है. घटना से जुड़े साक्ष्यों और नमूनों की जांच कर मौत की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. 

ये भी पढ़ें : गोडावण का जादुई सफर : अंडे से निकले,टनल में ली 'सेल्फ-ट्रेनिंग' और खुद सीखी उड़ान

बाकी गोडावणों को जंगल में छोड़ने की योजना रोकी गयी
सम के ब्रीडिंग सेंटर में पाले गए गोडावणों को प्राकृतिक वातावरण में बसाने की योजना के तहत पक्षियों को जंगल में छोड़ा जा रहा है. इस घटना के बाद भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने शेष गोडावणों को जंगल में छोड़ने की योजना फिलहाल स्थगित कर दी है. साथ ही, रिलीज प्रोटोकॉल और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा रही है.

प्राकृतिक शिकार या किसी शिकारी की साजिश ?
गोडावण की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या पक्षी मरू लोमड़ी का शिकार बना या फिर किसी शिकारी ने उसे निशाना बनाया. जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी. फिलहाल, संरक्षण से जुड़ी टीमें मामले की जांच और अन्य गोडावणों की निगरानी में जुटी हैं.

संरक्षण अभियान जारी रखने का दावा
वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) के निदेशक गोविंद सागर भारद्वाज के मुताबिक, जंगल में शिकार होना प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और ऐसे क्षेत्रों में लोमड़ियों की मौजूदगी स्वाभाविक है. उन्होंने बताया कि फील्ड टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं. इस घटना के बावजूद गोडावण संरक्षण अभियान जारी रहेगा और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा.

आपको बता दें कि जैसलमेर में वन्यजीव संरक्षण के तहत एक विशेष टनल पलकर बड़े हुए इन गोणावण को 4 अक्टूबर 2026 को आजाद किया गया था. गोडावण के पीठ पर लगे सोलर पावर्ड जीपीएस टैग से 24 घंटे रियल टाइम डेटा लिया जा रहा था. जानकारी के मुताबिक पानी पीने के दौरान गोडावण पर हमला हुआ है, हालांकि शिकार के कारणों की जांच की जा रही है.
 

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