Rajasthan Panchayat Election: जयपुर जिले में शहरी सरकार के बाद अब गांव की सरकार चुनने की बारी आ गई है. पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में चुनावी हलचल तेज हो गई है. जिला परिषद, 22 पंचायत समितियों और इनके अधीन आने वाली 597 ग्राम पंचायतों के चुनाव चार चरणों में करवाए जाएंगे. 23 अक्टूबर से मतदान का दौर शुरू होगा और 28 नवंबर को उप प्रधान के चुनाव के साथ पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी.
18.99 लाख मतदाता करेंगे गांव की सरकार का फैसला
जयपुर जिले में कुल 18,99,794 मतदाता पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 9,85,447 पुरुष, 9,14,343 महिला और 4 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं. जिले में जिला परिषद के 57 वार्ड, 22 पंचायत समितियों के 386 वार्ड और 597 ग्राम पंचायतों के कुल 5,931 वार्ड हैं. इस चुनाव के जरिए वार्ड पंच से लेकर सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और जिला प्रमुख तक ग्रामीण शासन के अलग-अलग स्तरों के प्रतिनिधि चुने जाएंगे.
23 अक्टूबर से जिला परिषद-पंचायत समिति की वोटिंग
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान चार चरणों में होगा. पहले चरण की वोटिंग 23 अक्टूबर को गोविंदगढ़, चौमूं, किशनगढ़-रेनवाल, जोबनेर, झोटवाड़ा, सांभरलेक, दूदू और मौजमाबाद में होगी. दूसरे चरण में 29 अक्टूबर को आमेर, जालसू, रामपुरा-डाबड़ी, शाहपुरा और अमरसर में मतदान होगा. तीसरे चरण में 4 नवंबर को फागी, माधोराजपुरा, चाकसू, सांगानेर और कोटखावदा में वोट डाले जाएंगे.
चौथे चरण का मतदान 14 नवंबर को बस्सी, तूंगा, जमवारामगढ़ और आंधी में होगा
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की मतगणना 20 नवंबर को होगी. इसके बाद जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर और उप जिला प्रमुख का चुनाव 26 नवंबर को होगा. पंचायत समितियों में प्रधान का चुनाव 27 नवंबर और उप प्रधान का चुनाव 28 नवंबर को होगा.
पंच-सरपंच के चुनाव 25 अक्टूबर से
ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव की तारीखें जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव से अलग रखी गई हैं. पंच-सरपंच के लिए पहले चरण का मतदान 25 अक्टूबर को होगा. इस चरण में गोविंदगढ़, चौमूं, किशनगढ़-रेनवाल, जोबनेर, झोटवाड़ा, सांभरलेक, दूदू और मौजमाबाद की ग्राम पंचायतें शामिल रहेंगी.
दूसरे चरण में 31 अक्टूबर को आमेर, जालसू, रामपुरा-डाबड़ी, शाहपुरा और अमरसर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में वोटिंग होगी.
तीसरे चरण में 6 नवंबर को फागी, माधोराजपुरा, चाकसू, सांगानेर और कोटखावदा की ग्राम पंचायतों में मतदान होगा.
चौथे और अंतिम चरण में 16 नवंबर को बस्सी, तूंगा, जमवारामगढ़ और आंधी की ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के लिए वोट डाले जाएंगे.
पंच और सरपंच के चुनाव में मतदान पूरा होने के बाद उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे. इसके अगले दिन संबंधित ग्राम पंचायत में उपसरपंच का चुनाव होगा.
चौमूं में सबसे ज्यादा मतदाता
जयपुर जिले की 22 पंचायत समितियों में मतदाताओं की संख्या में भी अंतर है. चौमूं 1,38,583 मतदाताओं के साथ सबसे बड़ा वोटर सेंटर है. इसके बाद बस्सी में 1,28,504 और जमवारामगढ़ में 1,21,470 मतदाता हैं.
आमेर में 1,07,745, गोविंदगढ़ में 1,01,854 और किशनगढ़-रेनवाल में 1,00,145 मतदाता हैं. मौजमाबाद में 93,695, जोबनेर में 93,565, आंधी में 90,717 और सांभर में 90,480 मतदाता हैं. दूसरी ओर शाहपुरा में सबसे कम 56,925 मतदाता हैं. झोटवाड़ा में 58,617, तूंगा में 63,842, कोटखावदा में 66,154 और दूदू में 66,329 मतदाता हैं.
जिला प्रमुख का पद अनारक्षित
जयपुर जिला परिषद में जिला प्रमुख का पद अनारक्षित यानी सामान्य रखा गया है. जिला परिषद के कुल 57 वार्डों में से 28 वार्ड एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जबकि 29 वार्ड अनारक्षित हैं. वहीं, जयपुर की 22 पंचायत समितियों में प्रधान पदों का आरक्षण भी निर्धारित किया जा चुका है. तूंगा और आंधी में एससी ओपन, रामपुरा डाबड़ी और कोटखावदा में एससी महिला, चौमूं और किशनगढ़-रेनवाल में एसटी ओपन तथा अमरसर में एसटी महिला के लिए प्रधान पद आरक्षित है.
माधोराजपुरा और सांगानेर में ओबीसी ओपन तथा जोबनेर और मौजमाबाद में ओबीसी महिला के लिए प्रधान पद रखा गया है. शाहपुरा, बस्सी, जमवारामगढ़ और फागी में अनारक्षित ओपन, जबकि गोविंदगढ़, दूदू, जालसू, चाकसू, आमेर और झोटवाड़ा में अनारक्षित महिला प्रधान का पद होगा.
28 नवंबर को पूरी होगी चुनावी प्रक्रिया
जयपुर जिले में पंचायत चुनाव का पहला बड़ा चरण 23 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के मतदान के साथ शुरू होगा. 16 नवंबर को पंच-सरपंच चुनाव के चौथे चरण की वोटिंग पूरी हो जाएगी. 20 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के परिणाम आने के बाद जिला प्रमुख और प्रधान की कुर्सियों को लेकर तस्वीर स्पष्ट होने लगेगी.
इसके बाद 25 और 26 नवंबर को जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख तथा 27 और 28 नवंबर को प्रधान और उप प्रधान के चुनाव होंगे. इस तरह 28 नवंबर को जयपुर जिले में गांव की नई सरकार के गठन की चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.