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Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर में एक ऐसा चमत्कारी माता का मंदिर है, जिसके पानी पीने से चर्म रोग ठीक होते है. आमेर घाटी में सदियों पुराना मनसा माता मंदिर की कुछ ऐसी ही मान्यता है, जहां दूर दराज से श्रद्धालु पूरे विश्वास और आस्था के साथ मनसा माता के मंदिर चमत्कारी पानी लेने पहुंचते है.
क्यों पड़ा मनसा माता मंदिर नाम?
यह आमेर का 5 हजार साल पुराना मनसा माता का मंदिर है. स्वंभू माता की मूर्ति जयगढ़ की पहाड़ियों के चारों और से मनसा माता घिरी हुई है. ये मंदिर आमेर की विरासत से भी पुराना है. शिला माता की स्थापना से पहले मनसा माता आमेर की पहाड़ियों के बीच बसी है.
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, जयपुर के राजा मानसिंह ने इसी मंदिर में मन्नत मांगी थी. मन्नत पूरी होने पर मानसिंह ने इस मंदिर का नाम मनसा माता रखा. मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इस मंदिर में मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना पूर्ण हो सकती है.
एकमात्र मंदिर जहां है महिला महंत
यह जयपुर का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां महंत महिला है. इन मंदिर की महंत सुष्मिता भट्टाचार्य है. इनकी 16 पीढियां इस मनसा माता की सेवा कर रही हैं. सुष्मिता बताती हैं कि मनसा माता की मूर्ति यहां के पहाड़ों में तपस्या करने वाले एक बाबा को अपने तप से प्राप्त हुई थी, जिस पहाड़ी पर यह मूर्ति प्रकट हुई थी. उसी पहाड़ को काटकर यहां मंदिर बनाया गया. बाबा के चरण भी यहां प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित हैं.
चमत्कारी पानी से दूर होता चर्म रोग
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इस मंदिर में कुंड का पानी पीने से चर्म रोग ठीक होता है. लोग इस मंदिर के पानी को चमत्कारिक मानते है. मंदिर में बना कुंड में पानी पहाड़ियों से ही इकट्ठा होता है. मंदिर के सेवक रोहित भट्टाचार्य बताते है कि इस कुंड का पानी कभी खराब नहीं होता. मनसा मां के दरबार में चमत्कारी पानी लेने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं.
कहा जाता है कि इस कुंड का पानी पीने से चर्म रोग ठीक हो जाते है. मंदिर आई महिला श्रद्धालुओं ने भी अपनी गहरी आस्था प्रकट की. अपना चर्म रोग दिखाते हुए श्रद्धालु ने बताया कि कुंड का पानी पीने से चर्म रोग पर फर्क पड़ा, जिसके बाद से नियमित रूप से पानी पी रही हूं.