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Bharatpur Mayor Election 2026 : भरतपुर नगर निगम चुनाव 2026 रिजल्ट ये साफ कर चुके हैं कि इस बार सत्ता की चाबी किसी एक पार्टी के हाथ में नहीं, बल्कि चुने गए निर्दलीय पार्षदों के पास है. 65 वार्डों वाले इस निगम में किसी भी दल को जादुई आंकड़ा नहीं मिला है, जिसके बाद से सियासी पारा गर्म है.
अनुराधा सिंह पर भरोसा
ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने वार्ड-61 से विजयी रहीं अनुराधा सिंह पर दांव खेलते हुए सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है. पार्टी सूत्रों का मानना है कि अनुराधा सिंह की उम्मीदवारी से बागी और निर्दलीय पार्षदों के एक बड़े वर्ग को अपने पाले में लाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया है. भरतपुर में कुल 36 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने परचम लहराया है. बहुमत से दूर खड़ी पार्टियों के लिए ये निर्दलीय ही अब संजीवनी बूटी बन चुके हैं. बीजेपी खेमा अपनी रणनीति के तहत इन बागी और स्वतंत्र पार्षदों से संपर्क साधने में जुट गया है ताकि बोर्ड गठन के आंकड़े को आसानी से पार किया जा सके.

कौन हैं अनुराधा सिंह ?
अनुराधा सिंह के नाम पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुहर लगाई थी. अन्य दावेदारों निशा अग्रवाल और लक्ष्मी संजय फौजदार के नामों पर सहमति नहीं बनने के बाद हाईकमान ने ये फैसला लिया. अनुराधा सिंह के पति हजारी सिंह का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पुराना और करीबी राजनीतिक संबंध रहा है, जो सीएम के जिलाध्यक्ष कार्यकाल के दौरान उनकी कार्यकारिणी में शामिल रहे थे. इसी राजनीतिक समीकरण के चलते जयपुर में मंत्रणा के बाद उनके नाम पर अंतिम मोहर लगी, और आज वह अपना नामांकन दाखिल करेंगी.
आपको बता दें की 65 वार्ड वाले भरतपुर नगर निगम में आधे से ज्यादा वार्डों में मतदाताओं ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को नकार दिया और 36 निर्दलीय जीत कर सामने आए हैं. भरतपुर में बीजेपी को 20 और कांग्रेस को 7 सीटों पर जीत मिली है.
विचित्रा सिंह ने मेयर पद के लिए किया नामांकन
अजमेर में मेयर पद के चुनाव को लेकर विचित्रा सिंह अपने पति और पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट के साथ नामांकन दाखिल कर रही हैं. खास बात ये रही कि उनके नामांकन में कांग्रेस के पार्षद और शहर अध्यक्ष दयानंद पचौरी प्रस्तावक बने हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है