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कहते हैं कि सियासतदार आपदा में भी अवसर तलाशने से नहीं चूकते है. देश की राजनीति में ऐसा कई बार देखने को मिला है. एक बार फिर कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है. लेकिन इस बार कहानी सियासी दिलचस्पी की नहीं है, बल्कि करीब 25 मौतों और 150 से ज्यादा लोगों के बीमार होने की है. मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि आरोप जहरीली शराब से हुई मौतों का है. सागर जहरीली शराब कांड के बीच अब प्रदेश सरकार के एक मंत्री को भी कांग्रेस ने सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है.
दरअसल, सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब पीने से लगभग 25 लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस कांड में जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनका दर्द अब भी कम नहीं हो रहा है. अभी भी कई दर्जन लोग अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. उनके परिजनों में डर का माहौल बना हुआ है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए. क्योंकि इन लोगों की मौतों को बहुत करीब से देखा है. उनके मरीज के आसपास के पलंग पर शराब से हुई मौतें लोगों ने देखी है. लिहाजा, इस घबराहट और आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है.
पहले ही दिन से सियासत जारी
इन लोगों के आंसू पोंछने के लिए सियासतदार भी पहले ही दिन से पहुंच रहे हैं, फिर चाहे वो छुटभैया नेता हो या फिर सूबे की सियासत के केंद्र में रहने वाले बड़े-बडे़ नेता हों. हर कोई सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और बंडा क्षेत्र के प्रभावित गांवों में जाकर पीड़ितों से मुलाकात कर उन्हें साहस दे रहे हैं. ये जताने की कोशिश कर रहे हैं कि संकट के इस समय सब उनके साथ हैं. यकीनन ऐसे मौकों पर हर कोई दुःखी है. उनमें राजनेता भी शामिल हैं. लेकिन साथ-साथ सियासतदारों के लिए आपदा कहीं न कहीं अवसर भी बन गई है.
कांग्रेस के निशाने पर मंत्री जी
जहरीली शराब कांड के पहले ही दिन से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था. ये सब आसपास के जिलों या राजधानी में होता तब भी ठीक था. लेकिन उस जमीन पर हुआ, जहां मौतों की वजह से मातम पसरा हुआ है. इस जहरीली शराब कांड में एक सरगना को लेकर सियासत तेज है. इस सरगना और गिरफ्तार आरोपी चंद्रभान उर्फ चन्दू राजा को लेकर प्रदेश के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत कांग्रेस के निशाने पर हैं.
जीतू पटवारी ने लगाए आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सागर पहुंचे, जहां उन्होंने चंदू राजा को मंत्री गोविंद राजपूत का करीबी बताया. इसको लेकर उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के इस बयान ने मध्य प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है. वहीं मंत्री गोविंद राजपूत ने वीडियो के बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि शराब कांड के आरोपी चंदू राजा से उनका कोई लेना देना नहीं है. न ही कोई संबंध है और उन्होंने खुद प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जांच निष्पक्ष हो कोई दोषी बख्शा न जाए.
मंत्री पर क्या बोले पूर्व सीएम
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि, मंत्री गोविंद राजपूत की सफाई के बाद लग रहा था कि इस मामले को यहीं विराम लग जाएगा. लेकिन सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने दो दिन सागर जिले में बिताए और पीड़ितों से मुलाकात के बाद एक बार फिर इस मामले को हवा दे दी. दिग्विजय सिंह ने सागर में प्रेस कांफ्रेंस लेकर एक तरफ जांच पर आपत्ति जताई. इसके अलावा, उन्होंने मंत्री गोविंद राजपूत और चंदू राजा के रिश्तों को सार्वजनिक किया.
'चंदू राजा, मंत्री का करीबी'
दिग्विजय सिंह का कहना है कि चंदू राजा, मंत्री गोविंद राजपूत का करीबी है. उन्होंने आगे कहा कि बात लुकी छिपी की नहीं, बल्कि विज्ञापनों में तक मंत्री के साथ उसकी फोटो छपती है. दिग्विजय सिंह ने सिर्फ मंत्री गोविंद राजपूत को कटघरे में खड़ा नहीं किया बल्कि वो इस इलाके में एक बड़ी हवा चलाकर भी गए. जब उन्होंने प्रदेश सरकार के दो पूर्व मंत्रियों और मौजूदा समय में सिर्फ सीनियर विधायक के रूप में राजनीति कर रहे भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव को असली भाजपाई करार दिया. जबकि गोविंद राजपूत को पंजा छाप भाजपाई बताया.
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कौन हैं असली बीजेपी नेता?
कांग्रेस नेता दिग्विजिय सिंह का कहना है कि इलाके में भूपेंद्र सिंह और भार्गव ही असली बीजेपी नेता हैं. उन्होंने कहा कि गोविंद राजपूत पंजा छाप हैं, अवसरवादी हैं, जो सिर्फ माल लूटने के लिए राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने गोपाल भार्गव के अतीत का जिक्र करते हुए अपने रिश्तों को तो बताया ही, साथ ही कभी उनकी पार्टी यानी कांग्रेस में रहे गोविंद राजपूत को लेकर भी बड़ा राज खोला.
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दिग्विजय सिंह ने खोली पोल
दिग्विजय सिंह ने बताया कि जब कमलनाथ की सरकार बनी, तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ पर दबाव बनाया कि गोविन्द राजपूत को परिवहन मंत्रालय दिया जाए. उन्होंने बताया कि कमलनाथ ने सिंधिया के दबाव में गोविंद सिंह को परिवहन मंत्री बनाया था. उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि उनकी पार्टी की सरकार में गोविंद राजपूत ने खूब लूट खसोट की. दिग्विजय सिंह के ये आरोप कोई सामान्य नहीं हैं, बल्कि बेहद खास हैं, जो सूबे की राजनीति में भूचाल ला सकते हैं. उनके इन बयानों ने कहीं न कहीं सरकार के बारे में लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है.
(रिपोर्टः महेंद्र दुबे, सागर, Zee Media)