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सागर के बंडा जहरीली शराब कांड में जहां लोगों ने अपनों को खोया वहीं, अब इस मामले में सियासत जोरों पर है. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सागर एसपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही न्यायिक जांच के प्रमुख को कटघरे में खड़ा किया है, इतना ही नहीं, उन्होंने अब तक हुई पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठाए है. दिग्विजय सिंह ने सागर के पुलिस अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि SP अनुराग सुजानिया हर महीने 50 लाख की वसूली कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर ये आरोप साबित नहीं होते हैं, तो SP उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने के लिए स्वतंत्र हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि वह अदालत में अवैध वसूली के आरोपों को साबित करेंगे.
पूर्व मुख्यमंत्री दो दिनों तक सागर जिले के दौरे पर रहें, उन्होंने करीब 30 पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका हालचाल जाना. इसके बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों से भी मुलाकात की. दिग्विजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सबसे पहले सागर एसपी अनुराग सुजानिया पर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि एसपी सागर को हर महीने शराब माफिया से 50 लाख की रिश्वत मिलती है और उनकी सांठगांठ शराब माफिया से है. उन्होंने सुजानिया के मुरैना के कार्यकाल में शराब से हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि, एसपी चाहे तो उन पर मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं, वो बिना प्रमाण के कुछ नहीं कहते. मुकदमा लड़ने को तैयार है.
न्यायिक जांच पर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा घोषित की गई न्यायिक जांच को लेकर भी असंतुष्टि जाहिर की है. उनका आरोप है कि इस न्यायिक जांच समिति के प्रमुख बनाए गए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिज विष्णु प्रताप सिंह चौहान सही जांच नहीं करेंगे. वो न्याय दिलाने नहीं, बल्कि जांच में लीपापोती के लिए नियुक्त किए गए है. दिग्विजय सिंह ने व्यापम कांड का हवाला देकर कहा कि व्यापम की जांच भी इन्हीं चौहान साहब ने की थी और सब पर पर्दा डाल दिया उन्होंने जांच प्रमुख बदलने की मांग भी की. पूर्व सीएम ने अभी तक हुई कार्रवाई को लेकर भी गंभीर सवाल उठाये है, उनके मुताबिक सरकार और पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही है. उन्होंने इस मामले के आरोपियों के नामों का उल्लेख कर एक-एक के बारे में बड़ी बात कही और कहा कि आबकारी विभाग इस माफिया तंत्र से मिला हुआ है और पैसे कमाने में जुटा है.
भाजपा नेताओं पर साधा निशाना
शराब माफिया से भाजपा नेताओं के संबंधों का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने एक और बड़ी बात कही. जब पूरे प्रदेश में शराब को लेकर छापेमारी चल रही है तो फिर सागर में मंत्री गोविंद राजपूत और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के व्यावसायिक ठिकानों पर छापे क्यों नहीं मारे गए? उनके यहां शराब की जांच क्यों नहीं हुई? इतने ही नहीं, मजाकिया अंदाज में दिग्विजय सिंह ने दो दिन पहले खेतों में मिली लाखों की महंगी शराब को लेकर तंज कसा और कहा कि खेतों में शराब फेंकने से अच्छा था. एसपी के घर पर शराब पहुंचा देते, वहां कोई चेक भी करने नहीं जाता और एसपी का भी फायदा हो जाता.