तिरुमाला में 9 दिवसीय नवरात्रि ब्रह्मोत्सव मंगलवार (20 अक्टूबर) यानी विजयदशमी के दिन बड़ी धूमधाम से संपन्न हुआ. इस बार नवरात्रि ब्रह्मोत्सव के अंतिम दिन भक्तों का जनसैलाब उमड़ा पड़ा. टीटीडी के अनुसार, मंगलवार को 83 हजार से ज्यादा भक्तों ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और 19 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने देवस्थान पर अपने बाल दान (मुंडन) किए. इस दौरान भक्तों ने दिल खोलकर मंदिर को दान दिया. टीडीपी ने बताया कि मंगलवार को मंदिर को करीब 3 करोड़ हुंडी (दान) मिला. वहीं, करीब 2 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में भोग (मुफ्त भोजन) ग्रहण किया. इसके अलावा तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की ओर संचालित अस्पताल में 5 हजार से ज्यादा लोगों का मुफ्त इलाज किया गया.
निकाय चुनाव के कारण बदले नियम
टीडीपी की ओर से दिए गए बयान से साफ है कि 'लड्डू प्रसादम' विवाद का भक्तों की आस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. इस विवाद के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंच रहे हैं और मंदिर को हुंडी (दान) भी प्राप्त हो रहा है. हालांकि, आंध्र प्रदेश में हो रहे स्थानीय निकाय चुनाव के कारण मंदिर के नियमों में कुछ बदलाव हो गया है. तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने बताया कि स्थानीय निकाय चुनावों के कारण इस समय 'आदर्श आचार संहिता' लागू है. टीटीडी ने बताया कि 'आदर्श आचार संहिता' के कारण अब तिरुमाला में श्रीवारी दर्शन या ठहरने की व्यवस्था के लिए कोई भी सिफारिश पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा.
ट्रस्ट की भक्तों से सहयोग की अपील
आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर सिफारिश पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे. टीटीडी ने कहा कि अभी केवल उन विशिष्ट अतिथियों (प्रोटोकॉल के अंतर्गत आने वाले गणमान्य व्यक्तियों) को ही वीआईपी दर्शन और ठहरने की सुविधा दी जाएगी. इस सुविधा का लाभ भी विशिष्ट अतिथियों को ही मिलेगा. उनकी सिफारिश पर आने वाले भक्तों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाएगा. तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की ओर से भक्तों से इस व्यवस्था को बनाने में सहयोग करने की अपील की गई है.
नवरात्रि ब्रह्मोत्सव में दिखा कलाकारों का संगम
बता दें कि नवरात्रि ब्रह्मोत्सव में इस बार ट्रस्ट की ओर से एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें देश-दुनिया से आए कलाकारों ने हिस्सा लिया. इस दौरान ओडिशा से आए संभलपुरी फोक डांसरों ने लोगों का मन मोह लिया. असम से आए कालाकारों ने बागुरुंबा लोक नृत्य करके अपनी कला का प्रदर्शन किया. पश्चिम बंगाल के कलाकारों ने 'गोमेरा मोखा' और मार्शल आर्ट पर आधारित रायबेंशे डांस करके लोगों का दिल लूट लिया.