तिरुमाला के नवरात्रि ब्रह्मोत्सव में 14 अक्टूबर को 84 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. टीटीडी के अनुसार, अबतक लगभग 2 लाख तीर्थयात्रियों को मुफ्त अन्नप्रसादम परोसा गया, और 8,754 लोगों ने अश्विनी अस्पताल में सेवाएं प्राप्त कीं.
तिरुमाला में 9 दिवसीय नवरात्रि ब्रह्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस ब्रह्मोत्सव देशभर के कई राज्यों के कलाकार पहुंचे हैं जो अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की ओर से सभी राज्यों के कलाकारों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. इस प्रतियोगिता में जिस राज्य के कलाकारों का प्रदर्शन सबसे अच्छा होगा, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा. दूसरी ओर, नवरात्रि ब्रह्मोत्सव में भक्तों का भी सैलाब देखने को मिल रहा है. तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम के अनुसार, 14 अक्टूबर को 84 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए हैं. टीडीपी ने बताया कि अब तक मंदिर को हुंडी (दान) के रूप 3.33 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं, जबकि भक्तों को 4.53 लाख लड्डू बेचे गए हैं.
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ओडिशा का संभलपुरी फोक डांस
इस ब्रह्मोत्सव में देश-दुनिया के भक्तों के साथ-साथ कलाकारों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान ओडिशा से आए संभलपुरी फोक डांसरों ने लोगों का मन मोह लिया. महिला कलाकार ने बताया कि वे पहली बार तिरुमाला आए हैं. उन्होंने कहा कि यहां वेंकटेश्वर स्वामी के सामने अपनी कला का प्रदर्शन करके मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है.
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ओडिशा के कलाकारों का जोश हाई
पुरुष कलाकारों ने कहा कि हम लोग पहली बार आए हैं. प्रभु के दर्शन करके आज हम धन्य हो गए. उन्होंने कहा कि अगर प्रभु बुलाएंगे तो हम लोग हर बार आएंगे. ओडिशा से आए कलाकारों ने उनकी कला को पूरे गेश में दिखाने के लिए ज़ी मीडिया को भी धन्यवाद दिया.
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असम की महिला फोक डांसर्स
असम से आए कालाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया. असम की महिला फोक डांसर ने कहा कि उन्हें यहां आकर काफी अच्छा लगा. हम लोग अपने आदिवासी समाज के नृत्य का प्रदर्शन कर रहे हैं. असम के इन कलाकारों का हाल ही में गिनिज बुक में नाम दर्ज किया गया था.
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असम का बागुरुंबा लोक नृत्य
असम के कलाकारों ने अपने राज्य की बोडो जनजाति के लोगों का पारंपरिक बागुरुंबा लोक नृत्य करके दिखाया. सभी कलाकारों ने तिरुपति आने को लेकर खुशी जताई. उन्होंने अगले साल भी आने वाला का वादा किया है.
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बंगाल का 'गोमेरा मोखा' डांस
पश्चिम बंगाल के कलाकारों ने भी अपने पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया. महिला कलाकार मोमिता ने बताया कि इस बार मैं अपने स्टेट वेस्ट बंगाल को रिप्रजेंट करने के लिए अपनी टीम लेकर तिरुपति आई हूं. उन्होंने बताया कि हमारी टीम अभी 'गोमेरा मोखा' डांस का प्रदर्शन कर रही है. इस डांस में चेहरे पर लड़की के मुखौटे पहनकर डांस किया जाता है. उन्होंने बताया कि हर मास्क का एक मीनिंग है.
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बंगाल का रायबेंशे डांस
मोमिता ने पश्चिम बंगाल के रायबेंशे डांस के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि यह मार्शल आर्ट्स पर आधारित होता है. पश्चिम बंगाल के राजा के सैनिक लोग इस तरह का डांस किया करते थे. उन्होंने कहा कि हम आपने आपको बहुत भाग्यवान समझते हैं कि आज पूरे देश के सामने अपनी कला का प्रदर्शन कर पा रहे हैं. तिरुमाला में आकर हम लोग धन्य हो गए हैं.
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हिमाचल के नाटी डांस का प्रदर्शन
हिमाचल प्रदेश के आए कलाकारों ने नाटी डांस का प्रदर्शन किया. इस नृत्य को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी स्थान मिल चुका है. हिमाचल प्रदेश से आए कलाकार ने कहा कि यह हमारा पारंपरिक नृत्य है. उन्होंने TTD का धन्यवाद देते हुए कहा कि हमें पहली बार आने का मौका मिला है.
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भाषा की बाउंड्री टूटी
उन्होंने कहा कि हमें यहां काफी अच्छा लग रहा है. इतने सारे कलाकारों को देखने का मौका मिला. यह कलाकारों का महाकुंभ है. हिमाचल प्रदेश की महिला डांसर ने कहा कि यहां की लैंग्वेज भले ही हमें समझ में ना आती हो, लेकिन यहां आकर हमें बहुत अच्छा लगा है. उसने कलाकारों के बीच कंपटीशन की संभावनाओं को नकार दिया. उन्होंने कहा कि सभी अलग-अलग कला का प्रदर्शन कर रहे हैं.
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भगवान वेंकटेश्वर की रूप में प्रस्तुति
तेलुगु संगीत को दुनिया तक पहुंचाने वाले अन्नमाचार्य के वंशज ने भगवान वेंकटेश्वर का रूप को धारण किया. भगवान वेंकटेश्वर के साथ मां लक्ष्मी और मां पद्मावती भी साथ नजर आईं. उन्होंने कहा कि हम आज बहुत खुश हैं.