बॉलीवुड के एक्टर टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमले की साजिश में पकड़े गए तीनों आरोपियों को मुंबई पुलिस ने एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया. वहां पर पुलिस ने हमलावरों से पूछताछ के लिए 14 दिन के रिमांड की मांग की. पुलिस ने कहा कि आरोपियों से साजिश का पता लगाने, हथियारों की बरामदगी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच के लिए यह रिमांड जरूरी है. कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता देखते हुए 10 दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली. इसके साथ ही आरोपियों को 31 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया.
बताते चलें कि मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ पर अटैक के बाद तीनों हमलावर राजस्थान के कोटा भाग निकले थे. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस ने उनके भागने के रूट का पता लगाया और उन्हें अरेस्ट करके बुधवार तड़के 3 बजे मुंबई पहुंची. इसके बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके उनकी 14 दिन की रिमांड मांगी गई, जिसे कोर्ट ने 10 दिनों के लिए मंजूर कर लिया.
#UPDATE | Firing incident targeting actor Tiger Shroff | The three accused have been sent to police custody till 31st October.
— ANI (@ANI) October 21, 2026
मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, तीनों हमलावरों के निशाने पर केवल टाइगर श्रॉफ नहीं थे बल्कि बॉलीवुड की 4 अन्य बड़ी हस्तियां भी उनकी हिटलिस्ट में शामिल थीं. जिन सितारों को वे टाइगर के बाद निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे, उनमें अमिताभ बच्चन, सलमान खान, अक्षय कुमार और आमिर खान थे. इस खुलासे के बाद सलमान खान के घर सुरक्षा बढ़ाते हुए उनके गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पहरा बढ़ा दिया गया है. साथ ही, चारों अन्य फिल्मी सितारों की सिक्योरिटी भी अपग्रेड की गई है.
टाइगर श्रॉफ शूटआउट के बाद से जो खुलासे हो रहे हैं. वो ना सिर्फ हैरान करने वाले हैं. बल्कि महाराष्ट्र की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं. सूबे की सुरक्षा एजेंसियों की नाक के नीचे लॉरेंस के शूटर रेकी करते रहे. वे फिल्मी सितारों की सुरक्षा को चुनौती देने का प्लान बनाते रहे और किसी को भनक तक नहीं लगने दी. इसके बाद लॉरेंस के शूटर्स ने जो कांड किया, वो अब सबके सामने हैं.
खबर है कि जिन शूटर्स ने टाइगर श्रॉफ पर गोलियां चलाईं. उन्हीं शूटर्स ने फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज सितारों की सुरक्षा ब्रीच करने के लिए रेकी की. जिसमें अमिताभ बच्चन से लेकर सलमान खान, अक्ष्य कुमार और आमिर खान शामिल हैं. इन लोगों के करीब शूटर इसलिए नहीं पहुंच पाए, क्योंकि इन फिल्मी सितारों की सुरक्षा ब्रीच करना, शूटर्स के बूते की बात नहीं थी.
इसलिए लॉरेंस के शूटर्स ने सबसे आसान टारगेट चुना. जब टाइगर श्रॉफ 18 अक्टूबर को फुटबॉल खेलने पहुंचे तो शूटर्स फैन बनकर भीड़ के बीच में घुस गए. फिर जैसे ही फुटबॉल खेलकर टाइगर श्रॉफ अपने समर्थकों के बीच कार से पहुंचे वैसे ही लॉरेंस के गुर्गों ने ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजतिलक रोशन ने टाइगर श्रॉफ पर हुए कातिलाना हमले पर अब तक की जांच से मीडिया को अवगत करवाया. डीसीपी ने बताया कि इस वारदात में मुंबई पुलिस ने कुल 8 लोगों को अरेस्ट किया है. इनमें 4 आरोपी दिल्ली से और एक आरोपी सोनीपत से हरियाणा पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि दो आरोपी पंजाब जाकर हथियार लेकर मुंबई आए थे. इनमें से दो महिलाओं का कूरियर के तौर पर इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती स्टेज में है और अभी FSL की रिपोर्ट भी क्राइम ब्रांच को नहीं मिली है. इसलिए वारदात में कौन-से हथियार का इस्तेमाल हुआ, इसके बारे में बताया नहीं जा सकता है.
उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में एक पुरुष और एक महिला पहले से एक- दूसरे को जानते थे. दो महिलाएं छोटा मोटा काम करती है और आपस में मित्र हैं. इस वारदात में इस्तेमाल कोई हथियार अभी तक रिकवर नहीं हुआ है. जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों के पास वारदात के लिए एक लाख रुपये आए थे.
उधर, टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमले के दौरान घायल हुए उनके फैंस उमेश चौहान की गोली निकाल दी गई है. उनका मुंबई के K.E.M. अस्पताल में इलाज चल रहा था. बुधवार को ऑपरेशन थिएटर में जनरल एनेस्थीसिया देकर सर्जरी के जरिए उनकी गोली निकाली गई. यह प्रक्रिया CVTS विभाग के प्रमुख डॉ. उदय एकनाथ जाधव और सर्जरी विभाग की एक यूनिट के प्रमुख डॉ. राम प्रजापति के नेतृत्व में हुई. ऑपरेशन के बाद निगरानी के लिए उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया. उनकी हालत स्थिर है और वे डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं.