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सीतापुर, राजकुमार दीक्षित: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और मुंबई पुलिस के संयुक्त खुलासे ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा का नाम सामने आया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश से लेकर मुंबई तक हड़कंप मच गया है, लेकिन जब ज़ी मीडिया की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची, तो सीतापुर के नैमिषारण्य इलाके से चौंकाने वाला खुलासा हुआ.
सीतापुर के ग्राउंड जीरो से क्या आया सामने?
जिस राधा का नाम सामने आया है, वह सीतापुर जिले के थाना नैमिषारण्य क्षेत्र की रहने वाली है और उसके पहचान पत्र पर पति का नाम सुनील दर्ज है, लेकिन जब ज़ी मीडिया ने इस गांव की ग्राउंड रिपोर्टिंग की, तो एक अलग ही कहानी सामने आई. ज़ी मीडिया से बात करते हुए राधा के पति सुनील ने बताया कि साल 2015 में उनकी शादी राधा से हुई थी, लेकिन महज 1 साल बाद ही सुनील और राधा का रिश्ता खत्म हो गया.
अचानक घर छोड़कर चली गई थी राधा
सुनिल ने बताया कि राधा बिना किसी को बताए अचानक घर छोड़कर कहीं चली गई और फिर कभी वापस नहीं लौटी. सुनील ने कानूनी तौर पर उससे अपने सभी रिश्ते खत्म कर लिए थे और साल 2023 में दूसरी शादी कर ली, जिससे अब उनके तीन बच्चे भी हैं. स्थानीय लोगों ने भी बताया कि राधा से सुनील का कोई लेना देना नहीं है. वह 10 साल पहले ही अचानक यहां से चली गई थी.
राधा की मां ने क्या कहा?
वहीं, आरोपी महिला राधा की मां ने ज़ी मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि वह हरियाणा में किसी फैक्ट्री में काम करती है. उसे इस बात की जानकारी नहीं है. राधा 6 महीने पहले अपने मायके आई थी. राधा की मां ने यह भी बताया कि उसका ससुराल से करीब 1 साल से कोई संबंध नहीं है, लेकिन गांव वालों ने बताया की राधा का 10 साल से उसके ससुराल से कोई संबंध नहीं है.
इतने लंबे समय तक परिवार से कटा होने के बाद वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के इस मॉड्यूल तक कैसे पहुंची, यह जांच का बड़ा विषय बन गया है.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग और अनिल पंडित का कनेक्शन
गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में कुणाल, सुमित, राधा और बबीता शामिल हैं, जिनकी उम्र 19 से 23 साल के बीच है. जांच में खुलासा हुआ है कि ये सभी अमेरिका से गैंग की कमान संभालने वाले गैंगस्टर अनिल पंडित के इशारे पर काम कर रहे थे. साजिश के तहत, कुणाल ने अमृतसर से हथियार लिए और करीब दो महीने पहले संपर्क में आई राधा को बबीता के साथ मिलकर मुंबई हथियार पहुंचाने का जिम्मा सौंपा.
जानिए कैसे हुआ पर्दाफाश?
पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर को दोनों नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए रवाना हुईं. राधा के बैग में पिस्तौल छिपाई गई थी. 17 अक्टूबर को दादर पहुंचने के बाद एक नाबालिग लड़के ने राधा से हथियार का बैग ले लिया, जिसका इस्तेमाल 18 अक्टूबर की शाम ऋतिक, रेहान और फूल सिंह ने हमले को अंजाम दिया. इसके बाद जब ये महिलाएं दिल्ली लौट रही थीं, तो सुरक्षा एजेंसियों ने 20 अक्टूबर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर राधा और बबीता को धर दबोचा और पुलिस ने हथियार सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया.