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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सियासी बवाल के बावजूद के देश के कई राज्यों में यह प्रक्रिया तेजी से जारी है. SIR को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के अपने-अपने आरोप और दावे हैं. इन सबके बीच चुनाव आयोग ने 6 राज्यों में SIR प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी है. बीजेपी के तमाम नेताओं की ओर से कहा गया कि घुसपैठियों का पता लगाने के लिए SIR प्रक्रिया बेहद जरूरी है. इस सबके बीच चुनाव आयोग ने विदेशी नागरिकों को लेकर जो आंकड़े दिए हैं, वे चौंकाने वाले हैं. चुनाव आयोग से मिली जानकारी के हिसाब से जिन 6 राज्यों में SIR पूरी हो चुकी है, वहां 1600 संदिग्ध विदेशी नागरिक मिले हैं. हालांकि, मतदाताओं की कुल संख्या और मतदाता सूची से हटाए गए नामों के मुकाबले यह आंकड़ा बेहद कम है.
SIR में 13 करोड़ से ज्यादा नाम कटे
देश भर में SIR प्रक्रिया के तहत 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम काटे जा चुके हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, जिन लोगों का नाम कटा है, उनमें 6.3 करोड़ से अधिक लोग दूसरी जगह स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके हैं. वहीं, 3 करोड़ से ज्यादा ऐसे मतदाता मिले हैं, जो दिए गए पते पर मौजूद नहीं थे.
इसके अवावा करीब 2.8 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है. SIR में करीब 1 करोड़ से ज्यादा मतदाता ऐसे भी पाए गए, जिनकी दो या दो से अधिक जगहों पर वोटर लिस्ट में एंट्री थी. चुनाव आयोग के मुताबिक, SIR के बाद सबसे ज्यादा कर्नाटक से नाम कटे हैं. यहां अंतिम मतदाता सूची से 99.32 लाख नाम काटे गए हैं.
कर्नाटक में मिले सबसे ज्यादा घुसपैठिये
कर्नाटक में हुई SIR में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. कांग्रेस शासित इस राज्य में सबसे ज्यादा 771 संदिग्ध विदेशी नागरिक पाए गए हैं. इनमें सबसे बड़ी संख्या नेपाली नागरिकों की है. रिपोर्ट के मुताबिक, SIR के दौरान कुल 688 नेपाली नागरिकों के नाम सामने आए हैं. प्रदेश की वोटर लिस्ट में सिर्फ एक बांग्लादेशी नागरिक मिला है. कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार ने इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने बताया कि प्रदेश की वोटर लिस्ट में नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों के अलावा पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, आयरलैंड, फ्रांस और नॉर्वे के नागरिक भी मिले हैं. बेंगलुरु नॉर्थ की वोटर लिस्ट में सबसे अधिक विदेशी नागरिक पाए गए हैं.
दिल्ली-पंजाब की क्या स्थिति है?
केरलम में भी करीब 500 ऐसे लोगों की पहचान हुई, जिनके पास विदेशी नागरिकता थी, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज थे. इसी तरह से गोवा में हुई SIR के दौरान विदेशी पासपोर्ट रखने वाले 419 संदिग्ध लोगों की पहचान की गई. संदिग्ध विदेशी नागरिकों के मामले को लेकर पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने डाटा उपलब्ध नहीं होने की बात कही. उन्होंने कहा कि किसी की नागरिकता की जांच करना, चुनाव आयोग का काम नहीं है. इसी वजह से उनके पास विदेशी नागरिकों से संबंधित कोई जानकारी नहीं है.