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अमेरिका और ईरान के बीच जंग तो थमी हुई है. लेकिन मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच चुका है. ये तनाव कभी भी भयंकर युद्ध में बदल सकता है. हालांकि ईरान पर नए हमले को लेकर अमेरिका ने कोई प्लान साफ नहीं किया है, लेकिन ईरान पर एपिक फ्यूरी जैसे दूसरे हमले की आशंका गहरी है. ऐसे माहौल में ईरान क्या करेगा? इसके कुछ हिंट ऐसे मिले हैं ईरानी मीडिया से, जो बेहद डरावने हैं. ईरानी मीडिया में एक वायरल वीडियो में बताया गया है कि कैसे इरानी कमांडरों ने समुद्र में बिछी इंटरनेट केबल्स को उड़ाने की तैयारी कर ली है. समझिए इस रिपोर्ट से.
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की नेवी विंग ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी कर रखी है. समुद्र की सतह से लेकर कई मीटर की गहराई तक चप्पे चप्पे पर ईरान के सीक्रेट वेपन तैनात हैं.
होर्मुज की सतह पर तेजी से हमला करने वाले सैकड़ों स्पीड बोट्स, जिसे ईरान मस्किटो फ्लीट कहता है, और समुद्र के नीचे बारुदी सुरंग और कामिकेजी डॉल्फिन, जिन्हें सुसाइड डॉल्फिन्स भी कहा जाता है.
होर्मुज की ऐसी सख्त नाकेबंदी ईरान ने मार्च में चले 40 दिन के घमासान के साथ ही शुरू कर दी थी.अब समुद्री मोर्चे पर ईरान ने नई तैयारी कर ली है.
दरअसल, ईरान सरकार के प्रोपेगेंडा चैनल्स ने ये वीडियो जारी किया है, जिसमें दिखाया गया है, किस तरह समुद्र में बिछे इंटरनेट केबल को उड़ा जाएगा.कमांड रूम में बैठा ऑपरेटर सिर्फ एक बटन दबाएगा और समुद्र में बिछी इंटरनेट केबल कुछ ऐसे ध्वस्त हो जाएगी.
इस वीडियो में इंटरनेट केबल उड़ाने का असर भी दिखाया गया है.किस तरह ऑनलाइन बिजनेस से लेकर सोशल मीडिया और रोबोट तक काम करना बंद कर देंगे.
ईरानी कमांडर्स पिछले कई दिन से समुद्री केबल्स को टारगेट करने की धमकी दे रहे हैं.खासतौर पर होर्मुज और फारस की खाड़ी से गुजरने वाले केबल्स को सबसे पहले उड़ाया जाएगा.
अगर ऐसा हुआ, तो मिडिल ईस्ट से लेकर पूरे एशिया और यूरोप तक इंटरनेट की सप्लाई कैसे रुक जाएगी, उसका अनुमान आप इस मैप से लगा सकते हैं.
ऐसी धमकियों के साथ ईरानी कमांडर सीधे डोनाल्ड ट्रंप को चैलेंज कर रहे हैं. अगर अबकी बार हमला किया, तो ये ना अमेरिका के लिए अच्छा होगा और ना ही इजरायल के लिए. ईरानी कमांडर का दावा है कि इजरायल के अबकी पलटवार में इजरायल को खत्म कर देंगे.
ईरानी सेना के कमांडर मोहम्मद बुखाई ने कहा, 'प्यारे अमेरिकियों, अपने प्रेसिडेंट से कह दो कि वो हमारे और इजरायल के बीच नहीं आए. इजरायल को एक दिन हम घुटनों पर लाकर छोड़ेंगे. इनके हमले से पहले ही हम ऐसा करेंगे कि इजराइल की जमीन से लेकर आसमान तक धुआं-धुआं हो जाएगा.
दरअसल, ईरान की आक्रामकता इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप की बार-बार धमकियों की वजह से बढ़ी है. इजरायल ने तो पूरा चुनाव ईरान से जंग के मसले पर लड़ा. हालांकि, अब बहुमत नहीं मिलने के बाद ये कयास हैं कि नेतन्याहू इजरायल की सत्ता से बाहर हो जाएंगे. लेकिन ट्रंप ईरान पर हमले के लगातार संकेत दे रहे हैं.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं, उनके पास दुनिया में सबसे ज्यादा महंगाई है- 301%. ये कुछ दिन पहले की बात है। तो देखते हैं क्या होता है. हम अच्छी स्थिति में हैं.
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या आप चुनाव से पहले तेहरान पर कोई बड़ा हमला करने की योजना बना रहे हैं? तो उन्होंने कहा,'मैं आपको यह नहीं बता सकता. मैं आपको यह नहीं बता सकता. लेकिन, कुछ भी संभव है.'
उधर, ईरानी सैन्य कमांडर्स और ईरान सरकार के प्रतिनिधि ये लगातार कह रहे हैं कि अगर हमला हुआ तो उनकी तरफ से कुछ भी संभव है. इसके लिए ईरान ने अपने वॉर वेपन की मूवमेंट शुरू कर दी है.
ईरान की ये अनदेखी मिसाइलें हैं, जिसे रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की सेना नए ठिकानों पर तैनात कर रही है. यानी, अमेरिका इजरायल के संभावित हमले से पहले पूरी तरह से कमर कस चुका है ईरान.
अलग-अलग ईरानी सोशल मीडिया हैंडल से ऐसी कई तस्वीरें साझा की जा रही है, जिसमें ईरान की पूरी तैयारी दिख रही है. मिसाइलों की तैनाती के साथ कुछ बैलिस्टिक मिसाइलों का टेस्ट भी किया जा रहा है.
राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा,'हम अमेरिकियों के साथ ऐसे तरीके से और ऐसे रूप में पेश आएंगे. हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और सहयोगी मोर्चे के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए लगातार औऱ निश्चित रूप से पछताना पड़ेगा.'
अजीजी ने दावा किया है कि अगर ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों पर हमला हुआ, जमीन आसमान से लेकर समुद्र में तबाही मचा देंगे.हालांकि, ईरान धमकी के बावजूद ये साफ नहीं किया है कि वो समुद्र में इंटरनेट केबल किस तरह से उड़ाएगा. संभव है, ये ईरानी सेना का प्रोपेगेंडा वॉर हो. लेकिन, ईरान ऐसा कर सकता है, इसमें किसी को संदेह नहीं.
अगर 3 नवंबर को मिड टर्म इलेक्शन के बाद अमेरिका ने एपिक फ्यूरी जैसा दूसरे मिलिट्री ऑपरेशन किया, तो इस बार जंग कई नए मोर्चों पर घातक होने वाली है.