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राजस्थान के दौसा जिले में पंचायत चुनाव में राजनेता ही नहीं बल्कि IAS और आरएएस अफसर के परिजन भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. पंजाब कैडर के IAS सुमेर सिंह गुर्जर की पत्नी पिंकी गुर्जर जिले की सिकंदरा पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के लिए मैदान में हैं.
पिंकी गुर्जर वार्ड 13 से भाजपा के टिकट पर चुनावी रण में हैं. पति भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तो पत्नी अब राजनीति में दस्तक दे रही है. हालांकि, पिंकी गुर्जर ने पूर्व में विधानसभा चुनाव के दौरान भी टिकट के लिए काफी प्रयास किए थे, लेकिन उस दौरान टिकट नहीं मिलने पर अब पंचायत चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही है. लोगों में चर्चा यह भी है कि सिकंदरा पंचायत समिति प्रधान की सीट ओबीसी है.
ऐसे में पिंकी गुर्जर की निगाह प्रधान की सीट पर भी है. हालांकि, पिंकी गुर्जर से जब प्रधान की सीट को लेकर बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी का है पार्टी जिसे मौका देगी वह प्रधान बनेगा. वही पिंकी गुर्जर से राजनीति में आने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि जन सेवा मेरा मकसद है और जनता ने मुझे मौका दिया, तो मैं पूर्ण रूप से ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करूंगी.
दौसा जिले के लालसोट में पद स्थापित एसडीएम विजेंद्र मीणा की पत्नी गीता देवी और मां रूमाली देवी भी पंचायत चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रही हैं. हालांकि, एसडीएम विजेंद्र मीणा का पैतृक निवास करौली जिले के नादौती पंचायत समिति क्षेत्र में है.
ऐसे में RAS विजेंद्र मीणा की पत्नी गीता देवी नादौती पंचायत समिति से कांग्रेस के टिकट पर सदस्य का चुनाव लड़ रही है. तो वहीं मां रूमाली देवी दलपुरा ग्राम पंचायत से सरपंच बनने की तैयारी कर रही है. नादौती पंचायत समिति की प्रधान की सीट सामान्य महिला है. ऐसे में गीता देवी की निगाह प्रधान की सीट पर भी मानी जा रही है.