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लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म फारआई (FarEye) ने जबरदस्त वापसी की है. फाइनेंशियल ईयर 2026 के चौथे क्वार्टर में FarEye पूरी तरह प्रॉफिटेबल हो गई है. कंपनी का रेवेन्यू करीब 24.58% उछल गया है और घाटा 81.94% से भी ज्यादा कम हो गया है. आखिर FarEye ने ऐसा क्या जादू किया कि उनका खर्च वहीं रहा, लेकिन कमाई आसमान छूने लगी?
FarEye टेक्नोलॉजीज की तरफ से 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष के आंकड़ों के आधार पर कंपनी की टोटल इनकम बढ़कर 265 करोड़ रुपये हो गई है. यदि ऑपरेशन्स से मिलने वाले रेवेन्यू की बात करें तो यह FY25 के 197 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में सीधे 246 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इसका सीध सा मतलब हुआ कि रेवेन्यू में सीधे 24.58% की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई. मजेदार बात यह है कि रेवेन्यू में इतना बड़ा उछाल आने के बावजूद कंपनी का कुल खर्च महज 3.12% ही बढ़ा है. इसी वजह से कंपनी का एडजस्टेड EBITDA भी सालाना बेस पर 65.58% बेहतर हुआ है.
FarEye की रिपोर्ट में सबसे अहम बात यह है कि कंपनी के घाटे में काफी गिरावट आई है. FY25 में कंपनी को टैक्स के बाद 52.1 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. लेकिन FY26 में कंपनी ने बैलेंस शीट में जबरदस्त सुधार किया और घाटा कम होकर महज 9.41 करोड़ रुपये रह गया. इससे साफ है कि कंपनी ने अपने घाटे को करीब 81.94% कम कर दिया है. इसके अलावा FY26 के अंत तक कंपनी के पास करीब 270.6 करोड़ रुपये का कैश रिजर्व भी मौजूद था.
FarEye के को-फाउंडर और सीईओ कुशल नाहटा कंपनी के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि कंपनी ने अपने प्रोडक्ट्स और एआई कैपेबिलिटी में लगातार निवेश जारी रखा है. इसके साथ ही कंपनी ने कारोबार के बेसिक्स पर पूरा फोकस किया है. नाहटा ने कहा FY26 में कंपनी का बेहतरीन प्रदर्शन बड़े एंटरप्राइज कस्टमर्स की लगातार ग्रोथ, अपनी टेक्नोलॉजी को डिलीवर करने के तरीके आए बदलाव और कॉस्ट मैनेजमेंट का नतीजा है.
आपको बता दें FarEye एक B2B SaaS (सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस) प्लेटफॉर्म है. यह कंपनी कोरियर और पार्सल डिलीवरी प्रोवाइडर्स, बड़े रिटेलर्स, फूड एंड बेवरेज ब्रांड्स, फार्मास्युटिकल कंपनियों और डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) मैन्युफैक्चरर्स को अपनी डिलीवरी ऑपरेशन्स संभालने में मदद करती है. कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि FarEye का 83.25% रेवेन्यू सब्सक्रिप्शन मॉडल से आता है.
भारतीय लॉजिस्टिक्स टेक कंपनी FarEye का असली दम विदेशी बाजार में देखने को मिल रहा है. FY26 में FarEye का कुल 91.88% ऑपरेशन्स रेवेन्यू भारतीय बाजार से बाहर से आया है. इसमें खास तौर पर नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका (EMEA) और एशिया पैसिफिक (APAC) जैसे बड़े रीजन शामिल हैं. FarEye का 70.86% रेवेन्यू ऐसे बड़े क्लाइंट्स से आता है, जिनका सालाना कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 500 मिलियन डॉलर (करीब 4,100 करोड़ रुपये) या उससे ज्यादा है. कंपनी के अनुसार FY26 के अंत तक FarEye फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों या उनकी ग्रुप इकाइयों में से 13 बड़े घरानों को अपनी सर्विस दे रही थी.