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नेशनल कान्फ्रेंस के बागी विधायकों का अगला कदम क्या होगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और ईदगाह से 6 बार विधायक रहे मुबारक गुल ने आज (बुधवार, 4 नवंबर) को श्रीनगर में होने वाली एक बहुप्रतीक्षित प्रेस कॉन्फ्रेंस को अचानक रद्द कर दिया. उन्होंने इसके पीछे जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात और अपने लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं व सहयोगियों की गहरी भावनाओं का हवाला दिया. अपने आवास पर जुटे पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुबारक गुल ने कहा कि आज मैं कोई सफाई नहीं दूंगा और न ही कोई खुलासा करूंगा, क्योंकि इस समय मेरे साथियों और दोस्तों की भावनाएं मेरे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हालात को देखते हुए हमें मौजूदा माहौल का ध्यान रखना होगा. साथ ही, हमें अपने करीबी सहयोगियों की सलाह और अपने कार्यकर्ताओं की भावनाओं का भी सम्मान करना चाहिए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द करने की वजह
गुल ने कहा कि कुछ कार्यकर्ता लगभग 50 वर्षों से यानी 1975 के आसपास से मेरे साथ जुड़े हुए हैं. मैं उनकी भावनाओं और जज्बातों की कद्र करता हूं, इसलिए, मैं आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस और भविष्य में दिए जाने वाले बयान को रद्द करने की घोषणा करता हूं. उन्होंने कहा कि मैं आज कोई सवाल नहीं लूंगा, क्योंकि मैं अपने कार्यकर्ताओं, साथियों और दोस्तों की भावनाओं का सम्मान करना चाहता हूं. ये वे लोग हैं जो मेरा प्रतिनिधित्व करते हैं और जिन्होंने अपनी भावनाएं जाहिर की हैं. मैं इस मामले पर अभी और कुछ नहीं कहूंगा. मुझे इसके अलावा और कुछ नहीं कहना है. उन्होंने कहा कि अल्लाह ने चाहा तो, सब कुछ सही समय पर होगा. आज मैंने जो कुछ भी कहा है, बस इतना ही है. यही वह संदेश है जो मैं देना चाहता हूं.
'मैं एक फाइटर हूं, लड़ता रहूंगा'
गुल ने इसके साथ ही अपने भविष्य की राजनीति को भी स्पष्ट कर दिया. उन्होंने कहा कि मैं एक फाइटर हूं और लड़ता रहूंगा. बहुत सोच-समझकर बोले गए इस संदेश में मुबारक गुल के अगले राजनीतिक कदम को जानबूझकर स्पष्ट नहीं रखा गया है. साथ ही, यह संकेत भी दिया गया है कि वे किसी भी तरह के सीधे टकराव के बजाय अपने मुख्य समर्थकों की सलाह को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं.
मुख्यमंत्री से गुल समर्थकों का सवाल
बता दें कि कैबिनेट विस्तार के बाद से ही गुल के सैकड़ों समर्थक उनके आवास पर डटे हुए हैं. वे हर दिन पार्टी नेतृत्व के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं. उनके अनुसार, गुल 'नेशनल कॉन्फ्रेंस' के सबसे वरिष्ठ और वफादार नेता हैं. उन्होंने भी गुल के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल जाता. सीएम उमर अब्दुल्ला के प्रति नाराजगी जताते हुए समर्थकों ने पूछा कि आखिर मुबारक गुल को कैबिनेट से क्यों हटाया गया?
उधर, मुबारक गुल के बेटे यूनिस गुल ने बताया कि पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक होता, तो विरोध प्रदर्शन क्यों होते? उन्होंने कहा कि पार्टी को यह समझना चाहिए कि असल में कौन लोग पार्टी नेतृत्व को गुमराह कर रहे हैं. यूनिस गुल ने यह तो माना कि आगा एक बड़े धार्मिक नेता हैं, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी.