174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन स्मित पर पूरे देश को नाज, 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेंगे CM भूपेंद्र पटेल
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की हर तरफ चर्चा हो रही है. उन्होंने खुद की जान दांव पर लगाकर 174 यात्रियों की जान बचाई है.
74 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार सम्मानित करेगी. सीएम भूपेंद्र पटेल ने उन्हें 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' देने का एलान किया है. सीएम भूपेंद्र ने कहा कि कैप्टन स्मित की बहादुरी पर पूरे देश और गुजरात को गर्व है. कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाईदुबई विमान FZ1073 पर हमले के वक्त खुद की जान दांव पर लगाकर 174 यात्रियों की जान बचाई है. फिलहाल सऊदी अरब के एक हॉस्पिटल में कैप्टन स्मित का इलाज चल रहा है.
सीएम भूपेंद्र पटेल ने एक एक्स पोस्ट में कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ में कसीदे पढ़े. उन्होंने लिखा 'गुजरात के इस जांबाज बेटे ने अपने साहस से न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है.' उन्होंने बताया कि स्मित को यह सम्मान उनकी असाधारण हिम्मत और इंसानियत के लिए दिया जा रहा है. साथ ही, पूरा गुजरात उनके जल्द ठीक होकर लौटने की दुआ कर रहा है.
कैप्टन स्मित मच्छार मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं. उनकी परवरिश मुंबई में हुई है. उन्हें बोइंग 737 विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का लंबा अनुभव है. वे पहले स्पाइसजेट में भी सीनियर कमांडर रह चुके हैं.
अब समझिए कैप्टन स्मित मच्छार ने आखिर क्या किया है?
दरअसल, बुधवार को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ 1073 दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही थी. विमान 174 यात्रियों को लेकर 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट के अंदर अचानक अफरातफरी मच गई. ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर विमान को क्रैश करने की साजिश रची और मुख्य पायलट कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला बोल दिया.
कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए. जब कॉकपिट में खींचतान मची तो विमान का संतुलन बिगड़ा और वो 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे गिरकर 17,000 फीट पर आ गया. इस दौरान कॉकपिट में चीख-पुकार मच गई. तभी क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने तुरंत दखल दिया और हालात पर काबू पाने में मदद की.
लहूलुहान थे कैप्टन स्मित, फिर भी लड़ते रहे
चाकू से हमले के चलते पायलट स्मित लहूलुहान थे, कॉकपिट में खून बह रहा था. असहनीय दर्द के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मच्छार की मदद की. इसके बाद क्रू मेंबर्स की मदद से इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया और सूझबूझ दिखाते हुए विमान का रुख सऊदी अरब की तरफ मोड़ दिया गया. सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.
यात्री यानिव हायून ने बताई पूरी घटना
फ्लाइट में मौजूद एक यात्री यानिव हायून ने उस वक्त कमाल की हिम्मत दिखाई. उसने हमलावर को काबू करने और प्लेन को संभालने में बड़ी मदद की. बाद में जब वो इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मिला, तो उसने पूरी बात बताई. हायून ने बताया कि उसे अचानक कॉकपिट के अंदर से जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज आई थी. ये सुनते ही वो एक दूसरे पैसेंजर के साथ फौरन कॉकपिट की तरफ भागा.
अंदर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए. उसने देखा कि भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार बुरी तरह घायल होकर जमीन पर पड़े थे और हमलावर पायलट खुद प्लेन उड़ाने की कोशिश कर रहा था. हायून बिना डरे उस पर झपटा, उसे पकड़ा और कंट्रोल पैनल से घसीटते हुए कॉकपिट से बाहर कर दिया. फिर उसने बाकी यात्रियों को आवाज लगाई. इसके बाद तीन यात्रियों ने मिलकर हमलावर को दबोच लिया और हेडफोन के तार से उसके हाथ बांध दिए.
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